भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों की सात दशक की मांग पूरी की है। किसानों को फसल की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का फैसला कर किसानों को नई संजीवनी दी है। आजादी के बाद से किसान इसकी मांग करते चले जा रहे थे। किसानों की लिए ये सबसे बड़ा दिन है। मोदी सरकार के इस फैसले को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। अमित शाह बुधवार को विंध्याचल पहुंचने पर होटल संदीप इंटरनेशनल में पत्रकारों से रूबरू थे।
उन्होंने कहा कि किसानों का जो अधिकार था, उससे वंचित रखा गया था। कई सालों तक किसानों के आंदोलन हुए। किसान शहीद हुए लेकिन किसी सरकार ने ऐसा करने का साहस नहीं किया था। सरकार के इस फैसले से छोटे किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। कहा कि भाजपा की सरकार जब से बनी है, वह अपने वादों को पूरा करती आ रही है। देश के किसानों की माली हालत में सुधार करने, गांवों को टूटने से बचाने के लिए ये बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। मक्का, रबी, कपास, मूंगफली, दलहन आदि को फायदा होगा। इसके पहले यूरिया की कालाबाजारी को रोका गया और उसकी पर्याप्त उपलब्धता कराई गई। खादों के दामों में कटौती की गई। बीमा योजना शुरू की गई। सिंचाई की परियोजनाओं को पूरा किया गया। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की हर तरह से मदद की जा रही है। किसानों की माली हालत सुधरती है, तो इसके साथ ही खेत मजदूरों ही हालत भी सुधरती है। भाजपा अध्यक्ष होने के नाते वह सरकार के इस फैसले से बेहद खुश हैं। प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्रनाथ पांडेय भी मौजूद थे।