मिर्जापुर। तेज धूप के बाद सोमवार की शाम अचानक आए आंधी पानी ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी। आंधी का असर मैदानी इलाकों की अपेक्षा पहाड़ी पहाड़ी इलाकों में ज्यादा रहा। पश्चिमी छोर से उठे आंधी का असर छानबे क्षेत्र के पहाड़ ऊपर लालगंज, ड्रमंडगंज, हलिया, राजगढ़ व पटेहरा क्षेत्र में देखा गया। इस दौरान लालगंज, मड़िहान, हलिया समेत अन्य इलाकाें में पेड़ की डालियां टूटकर गिर गई। साथ ही लालगंज छानबे व हलिया इलाके में बारिश भी हुई।
दिन भर उमस भरी गर्मी और तेज धूप से लोगों का जीना बेहाल हो रहा था, तभी शाम करीब पांच बजे अचानक तेज हवा और धूल भरी आंधी ने लोगों को हैरान कर दिया। हर कोई सुरक्षित स्थान पर छिपने की कोशिश में लगा रहा। ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की डर से लोग अपने-अपने घरों की ओर भागने लगे। करीब एक आधे घंटे तक चली आंधी से स्थिति अस्त व्यस्त हो गई। आंधी के चलते कुछ क्षेत्रों में जहां आम के फल से लदे डालियां टूट कर जमींन पर आ गिरी। वहीं बारात के लिए तैयार टेंट उखड़ कर दूर जा गिरे। कुछ क्षेत्रों में आंधी के साथ ही साथ आए पानी ने बारातियों के रंग में भंग डाल दी। क्षेत्र में आए आंधी के चलते आम फसलों की ज्यादा क्षति बतलाई जा रही है। सबसे अधिक लालगंज व हलिया क्षेत्र में आंधी पानी से नुकसान हुआ। पहाड़ी इलाके में तो बारिश होने पर बाहर काम के लिए निकले ग्रामीण परेशान होने लगे। वह सुरक्षित स्थानों पर छिपने का प्रयास करने लगे। कहा कि आंधी पानी बंद होने के बाद भी घर जाएंगे अन्यथा खुले स्थानों से गुजरते समय कभी भी आकाशीय बिजली गिर सकती है।