मिर्जापुर। गंगा में होने वाले कटान को रोकने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए गंगा किनारे बसे गांव के प्रधानों व किसानों को चुना गया है। जिन्हें कानपुर व इलाहाबाद में ट्रेनिंग दी जा रही है कि कैसे गंगा के किनारे पौधरोपण कराना है। प्रशिक्षण के बाद ये लोग अपने क्षेत्र में लोगों को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरणा देंगे। पौधरोपण एक जुलाई से 16 सितंबर तक चलेगा। इसके लिए कोई बजट जारी नहीं किया गया है।
बिना बजट के ही गंगा किनारे हो रहे हर साल कटान को रोकने का प्लान तैयार किया गया है। शासन की पहल पर गंगा हरीतिमा अभियान के तहत गंगा के दोनों ओर तेजी से हो रहे कटान को पौधरोपण के माध्यम से रोकने का प्रयास होगा। जनता के सहयोग से गंगा के दोनों ओर पौधरोपण किया जाएगा। योजना में गंगा किनारे के जिले कानपुर, इलाहाबाद, मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया के प्रधान व किसानों को चुना गया है। उनकी ट्रेनिंग पूरी करने केे बाद यह लोग प्रशासन और वन विभाग के साथ मिल करके जनता को पौधरोपण के लिए प्रेरित करेंगे। प्रति व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मिर्जापुर जिले में 246 प्रधानों व किसानों को चुना गया है। इसमें पहली टोली में 36 लोगों को ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा गया है।
गौरतलब है कि गंगा किनारे होने वाले पौधरोपण किनारे से एक किमी चौड़ाई तक क्षेत्रफल में पौधरोपण होगा।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश चौधरी ने कहा कि गंगा हरीतिमा अभियान में गंगा किनारे हो रहे कटान को रोकने की योजना बनाई गई है। जनता के सहयोग से पौधरोपण कराया जाएगा। एक जुलाई से अभियान शुरू होकर 16 सितंबर तक चलेगा।