मिर्जापुर। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के नेतृत्व में आंदोलित वित्तविहीन शिक्षकों ने शुक्रवार को मूल्यांकन कार्य का विरोध करते हुए मूल्यांकन में अवरोध पैदा किया। जिलाध्यक्ष शरदिंदुमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों ने तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर जाकर मूल्यांकन कार्य कर रहे वित्तविहीन शिक्षकों को कमरे से बाहर निकाल दिया। उनसे आंदोलन का सहयोग करने की अपील की।
जिलाध्यक्ष शरदिंदुमणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार वित्तविहीन शिक्षकों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है जिससे शिक्षकों में रोष है। कहा कि सरकार वित्तविहीन शिक्षकों की मांगों को जल्द पूरा करे। वित्तविहीन शिक्षकों को जबतक सम्मानजनक मानदेय नहीं दिया जाएगा तबतक मूल्यांकन का विरोध जारी रहेगा। नगर के राजस्थान इंटर कालेज में उदित नारायण, यज्ञ नारायण पाल, राकेश प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार दुबे, रेखा दूबे, बृजेश कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, इष्टदेव यादव, मंगल दूबे, राजीव दूबे, राजीव रंजन, शिवेंद्र प्रताप सिंह, राकेश सिंह ने प्रदर्शन किया। बीएलजे इंटर कालेज में मंडल अध्यक्ष बेचन सिंह, प्रभात कुमार दुबे, राकेश कुमार उपाध्याय, आलोक शुक्ला, चंद्रशेखर, तारा त्रिपाठी, मंगल दत्त, प्रभाकर सिंह, अजित सिंह, आलोक श्रीवास्तव, दिनेश दूबे, कमलेश पांडेय, रामेशवर दूबे, प्रमोद पाठक, मनमोहन सिंह विरोध प्रदर्शन किया। माता प्रसाद माता भीख इंटर कालेज में बुद्घि नारायण दूबे, आत्मा त्रिपाठी, आरती सिंह, अमित विश्वकर्मा, बृजेश दूबे, शशांक उपाध्याय, अरविंद तिवारी ने प्रदर्शन कर विरोध जताया।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष शरदिंदुमणि त्रिपाठी ने बताया कि मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षक निर्धारित संख्या से अधिक कापियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। केंद्र व्यवस्थापकों की ओर से मानकों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उधर, राजस्थान इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा. अशोक शुक्ल ने बताया कि एक परीक्षक एक दिन में हाईस्कूल की 50 और इंटरमीडिएट की 45 कापियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।