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स्वदेशी वस्तुओं के पक्षधर थे ठेगड़ी

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मिर्जापुुर। नगर के पुतलीघर में स्वदेशी जागरण मंच की ओर से स्वदेशी के पैरोकार दत्तोपंत ठेंगड़ी की 98वीं जयंती मनाई गई। स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय सह संयोजक डा. यशोवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि ठेंगड़ी जी विचारक थे। वे स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के पक्षधर व आग्रही थे।
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उन्होंने कहा कि ठेगड़ी जी देश के महानतम लोगों में एक थे। वह ट्रेड यूनियन नेता, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ, भारतीय अधिवक्ता संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक के रूप में याद किये जाते हैं। उनका जन्म महाराष्ट्र के वर्धा जिले के अरवी गांव में हुआ था। उन्हें पद्मभूषण की उपाधि दी गयी, जिसे उन्होंने लेने से इंकार कर दिया था। उनकी दूर दृष्टि तो इतनी थी कि सन 1984 में उन्होंने कहा था कि अमेरिका और रूस जैसे शक्तिशाली राष्ट्र आने वाले समय में अपनी चमक खो बैठेंगे। साथ ही कुछ नए राष्ट्र उभरेंगे जिसमें भारत भी होगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी सह-संयोजक आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि उनका नेतृत्व बहुत हीं प्रेरणादायी व ऊर्जावान होता था। 21वीं शताब्दी के प्रति वे काफी आशान्वित थे और कहते थे कि यह शताब्दी स्वदेशी शताब्दी होगी। डॉ रत्ना यादव, पूनम, कृति शर्मा, कुमारी पूजा, रीता, दीपक श्रीवास्तव, शिव कुमार, रश्मि सिंह, कुमार सोनकर, मो अहमद आदि मौजूद रहे।
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