सीखड़। शीतला धाम अदलपुरा मे नवरात्र के चौथे दिन करीब एक लाख लोगों ने मां का दर्शन पूजन किया। चार बजे भोर से ही भक्तों का धाम मे आना शुरू हो गया। लंबी लाइन के साथ लोगों ने मां का विधिवत दर्श न पूजन किया। बताया जाता है कि सैकड़ों वर्ष पूर्व एक आदमी को मां ने स्वप्न में आकर का कि मै गंगा नदी मे पड़ी हूं, मुझे बाहर निकाल कर पूजन अर्चना करो तुम्हारा कल्याण हो जाएगा। उस आदमी ने मां को गंगा से बाहर निकाल कर विधिवत पूजा करना शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में उसकी दीन दशा बदल गई। यह बातें धीरे धीरे पूरे गांव वालों को पता हो गई। सभी की आस्था मां के प्रति बढ़ने लगी। छोटा मंदिर भव्य मंदिर में बदल गया। तभी से श्रद्घालु मां की पूजा अर्चना कर मन्नत मांगते हैं। भक्त प्रसाद के रूप में मां को नारियल, चुनरी, लाची दाना, गुलगुला, चना, बताशा चढ़ाते हैं। मां के दरबार में बच्चों का मुंडन भी कराते हैं।