17 नवंबर को सीजेएम इंद्रजीत सिंह की अदालत में उनकी पेशी हुई थी, पेशी के दौरान विधायक ने सरकार पर हत्या कराने का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई के बाद जज ने 14 दिन की रिमांड दे दिया था।
एक दिसंबर को 14 दिन की रिमांड पूरी होने पर विजय मिश्रा की पेशी होनी थी, मामले में जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। विवेचक द्वारा जांच पूरी ना होने का हवाला देकर रिमांड बढ़ाए जाने की मांग की गई। इसके बाद जज ने 14 दिन की रिमांड बढ़ा दी।