मिर्जापुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी- लेनिनवादी) की ओर से सोमवार को नागरिक मार्च निकाला गया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने मांग की कि पुलवामा के शहीदों को या तो सरकार शहीद का दर्जा दे अन्यथा घड़ियाली आंसू न बहाए। शांति एवं भाईचारा के लिए सोमवार को निकले नागरिक मार्च का नेतृत्व करते हुए भाकपा माले के पोलित ब्यूरो के सदस्य रामजी राय ने कहा कि केंद्र सरकार शहीदों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रही है। रेलवे स्टेशन से सदर तहसील तक मार्च निकाला गया और जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर सभा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जवानों को शहीदों का दर्जा देने की बजाय देश में अशांति फैलाना चाहती है। जवानों की सुरक्षा में चूक का आरोप लगाया गया। राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि जिले के पहाड़ी इलाकों में परंपरागत वन निवासियों को साढ़े चार एकड़ जमीन का पट्टा देने की बजाय बेदखली की कार्रवाई की जा रही है। आदिवासी समाज के लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं तो उनकी हत्या कर दी जा रही है। जैसे हिम्मत कोल। मांग की गई कि हिम्मत कोल के हत्यारों को सजा दिया जाए। इस अवसर पर शशिकांत कुशवाहा, अनिल पासवान, श्रवण आर्य, विजय कोल, रामकृत बियार, बनारसी सोनकर आदि थे।