मिर्जापुर। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) लखनऊ की दो सदस्यीय टीम गुरुवार को सीएमओ कार्यालय पहुंची। टीम के सदस्य कार्यालय में तैनात दो लिपिकों से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद विंध्याचल सीएचसी पहुंच कर उपकरणों के खरीदारी के बारे में जानकारी ली। सीएचसी के कर्मचारियों से भी पूछताछ की। सीबीआई की पूछताछ से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सीबीआई टीम एनआरएचएम घोटाले की जांच कई महीनों से कर रही है। मामले की जांच के लिए गुरुवार की दोपहर सीबीआई लखनऊ की दो सदस्यीय टीम निरीक्षक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में सीएमओ कार्यालय पहुंची। कार्यालय में सीबीआई टीम के पहुंचते ही विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। टीम ने कार्यालय में तैनात दो लिपिकों को बुला कर उन्हें स्टेशनरी समेत अन्य सामान की खरीददारी के बारे में पूछताछ की। करीब एक घंटे तक चली पूछताछ में निरीक्षक ने दोनों लिपिकों से योजना के दौरान स्टेशनरी और अन्य सामान की खरीददारी के बारे में जानकारी ली। खरीद के संबंध में पूरा ब्योरा लिया। साथ ही विंध्याचल सीएचसी को हाईटेक करने के लिए एनआरएचएम योजना से खर्च की गई धनराशि की जानकारी ली। इसके बाद टीम जांच करने के लिए विंध्याचल सीएचसी के लिए रवाना हो गई। विंध्याचल सीएचसी में भी सीबीआई टीम ने अस्पताल के उपकरणों की खरीददारी के बारे में पूछताछ की। जिले में एनआरएचएम योजना के तहत लाखों का घोटाला प्रकाश में आया था। जिसका मामला उजागर होने पर टीम योजना के तहत खर्च किए गए एक-एक रुपये की जानकारी ले रही है।