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फसल मुआवजा को शासन से मांगा तीन करोड़

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मड़िहान। जिला प्रशासन ने 51 गांवों को सूखा प्रभावित बताया है। इन गांवों के प्रभावित लघु व सीमांत किसानों को जल्द राहत मिलेगी। मुआवजे के लिए पिछले दिनों जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र में क्राप कटिंग कराई और अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है। आकलन के आधार पर मड़िहान क्षेत्र के सूखा प्रभावित किसानों को नष्ट फसलों का मुआवजा देने के लिए तहसील प्रशासन ने शासन से तीन करोड़ की मांग की है।
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जिले सहित मड़िहान तहसील क्षेत्र के लगभग चार दर्जन गांवों में कम बरसात के चलते खरीफ की धान फसल सूख गई थी। बरसात कम होने से कई स्थानों पर तो पैदावार काफी खराब हुई है। कहीं कहीं तो दाने ही नही पड़े हैं। जिससे जिसके चलते किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। किसानों की मांग पर क्षेत्र को सूखा घोषित करने के लिए क्राप कटिंग कराया गया था। क्राप कटिंग की रिपोर्ट के अनुसार 33 प्रतिशत से ऊपर वाले सूखा प्रभावित 51 गांव की सूची पहले ही भेजी जा चुकी है। शासन द्वारा निर्धारित गांवों में धान फसल की क्राप कटिंग अधिकारियों की निगरानी में करायी गई थी, जबकि सूखा प्रभावित अन्य गांव के किसान भी सूखा घोषित कराने की मांग कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने शासन से तीन करोड़ तीन लाख 37 हजार 162 रुपये के बजट की मांग किया है। हांलाकि अभी भी कई गांव सूखा की सूची से वंचित रह गए हैं। वृहद, सीमांत व लघु किसानों को मिलेगी राहत मड़िहान तहसील में 221 गांव हैं। अधिकतर गांव सूखे से प्रभावित हैं, जिससे किसान परेशान हैं। जहां क्राप कटिंग नही हुआ वहां भी सूखा का असर देखा जा सकता है। लगातार सूखे की मार झेल रहे ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी किसानों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। सरकार किसानों पर मेहरबान हुई तो सूखा राहत का मुआवजा मिल सकता है। मड़िहान तहसीलदार रामजीत मौर्य ने बताया की शासन से बजट मिलने के बाद मुआवजा किसानों के खाते में भेजा जाएगा।
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