मिर्जापुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त होने वाला पहला प्रदेश बनने गौरव पाने के बाद अब दूसरी कड़ी में जुड़ गया है। अब महिला राजगीर स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों को बनाएंगी। इसके लिए जिला पंचायत सभागार में शुक्रवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन ने 20 महिला राजगीरों को प्रशिक्षण दिया। सीडीओ ने कहा कि स्वच्छता अभियान को घर-घर तक पहुंचाना है।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीओ ने दीप जलाकर किया। स्वच्छ भारत मिशन में राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी 20 महिलाएं राजगीर का काम करेेंगी और घरों में शौचालय बनाएगी। इनके लिए मास्टर ट्रेनरों को दो दिन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण देकर रोजगार देने और शौचालय निर्माण कार्य करने से स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक विकास खंड से पांच-पांच राजगीर मिस्त्री और एक-एक तकनीकी सहायक, अवर अभियंताओं को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीडीओ ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद तकनीकी सहायक, अवर अभियंताओं गांवों में जाकर शौचालय के लिए मिस्त्रियों को तैयार करेंगे। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि बच्चों और महिलाओं के सम्मान ओर सुरक्षा के लिए हमें स्वच्छता को जन आंदोलन के रूप में चलाना होगा। जिला समन्वयक विनोद श्रीवास्तव ने राजगीरों को कम लागत में शौचालय बनाने और खुले में शौच से होने वाली बीमारी आदि के बारे में विस्तार से बताया। डीसी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से शौचालय बनाने का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मिस्त्रियों को स्वच्छता प्रेरक के रुप में भी काम करने के लिए प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में डीसी सत्येंद्र सिंह, सुनील उपाध्याय, सलाहकार फरक अब्बास ने स्वच्छता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान ब्लॉक समन्वयक मनीष पांडेय, अजय गुप्ता आदि मौजूद रहे। इसके बाद महिला राजगीरों को गांवों में जाकर शौचालय बनवाने का स्थलीय प्रशिक्षण दिया गया।