जिगना। छानबे विकास खंड के कोटेदारों ने रविवार को जोखू लाल पियारी देवी महाविद्यलय भटेवरा गैपुरा में छानबे विक्रेता संघ के सदस्यों की बैठक में अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन किया। सरकारी सस्ते गल्ले की दूकानदारों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अनाज कि निकासी तौल कर नहीं की जाती है। अनाज का वितरण ई पॉस मशीन से की जाए या मैनुअल से किया जाए, स्पष्ट आदेश नहीं है।
ई पॉस मशीन से अंगूठा न मिलने के कारण कार्डधारकों को कई बार अनाज के लिए चक्कर काटना पड़ रहा है। ऐसे में कोटेदारों को भी पूरे महीने तक वितरण कार्य में लग जा रहा है। आरोप लगाया गया कि कोटेदारों का आर्थिक शोषण हो रहा है, उसे बंद किया जाए। दुकानदारों का रोस्टर बनाकर अनाज की निकासी की जाए। अभी तक एवरेज के आधार पर निकासी होने से कोटेदारों को 52 किलोग्राम बोरी की दर दी जाती थी। इससे कोटेदारों को प्रतिमाह दो से तीन कुंतल अनाज कम मिलता आ रहा है। इसे बंदकर तौल कर दिया जाए। इसके अलावा, अधिकारियों की ओर से तमाम तरीके से शोषण के खिलाफ संगठन काम करेगा। प्रदर्शन अध्यक्ष विष्णुकांत दूबे के नेतृत्व में किया गया। इस मौके पर केश प्रताप सिंह, संतोष चौबे, संतोष दूबे, कल्लू तिवारी, दिलीप कुमार, प्रवीण कुमार, अरुण कुमार, सल्लू सहित लगभग पांच दर्जन कोटेदार उपस्थित रहे।