मिर्जापुर। सरकारी दर से भी कम मुआवजा निर्धारित किए जाने से नाराज बेलन बरौधा से आए दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर पत्रक सौंपा। जिला प्रशासन को सौंपे गए पत्रक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-7 के चौड़ीकरण, फोर लेन बनाने के लिए अधिग्रहीत की जा रही जमीन का एनएचआई द्वारा सरकारी दर से भी कम मुआवजा निर्धारित किए जाने का आरोप लगाया।
काश्तकारों ने डीएम तथा विशेष भूमि आध्याप्ति अधिकारी के नाम दिए गए संयुक्त प्रार्थनापत्र में बरौधा कहा कि नेशनल हाईवे को फोर लेन बनाने के लिए एनएचआई द्वारा सड़क के किनारे स्थित उनकी छोटे छोटे रकबे की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। काश्तकारों ने कहा कि ऐसे जमीन को व्यवसायिक उद्देश्य से खाली छोड़ रखा गया है। लेकिन व्यवसायिक उदेश्य से सड़क के किनारे छोड़ी गई जमीन को भी राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते खेती होना दिखाया गया है। किसानों ने कहा व्यवसायिक भूमि को खेती योग्य दिखाकर भूमि स्वामियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान भूस्वामियों ने भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक 2018 के तहत छिनर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। कहा ऐसा न होने पर विशेष भूमि आध्याप्ति अधिकारी द्वारा दी गई अधिग्रहण की नोटिस का बहिष्कार किया जाएगा। भूस्वामियों ने भूमि अधिग्रहण कानून का हवाला देते हुए स्थानीय सर्किल रेट का छह गुना मुआवजा दिलाए जाने की मांग डीएम से की है। प्रदर्शन में दीपचंद सोनी, प्रदीप कुमार केशरी, भोलानाथ केशरी, श्याम सुंदर केशरी, रमेश पांडेय, विनोद कुमार मिश्र, जितेंद्र कुमार मिश्र, राजेन्द्र मोदनवाल, ज्ञान चंद्र केशरी, पाकूराम गुप्ता, कालीचरण मोदनवाल सहित दर्जनों की संख्या में भूस्वामी मौजूद रहे।