मिर्जापुर। डेढ़ साल पहले बेटी को कुएं फेंक कर उसकी जान लेने के आरोप में जिला जेल में बंद महिला ने गुरुवार की सुबह बाथरूम में शिशु को जन्म दिया। जानकारी होने पर जेलकर्मी जच्चा-बच्चा को जिला चिकित्सालय ले गए जहां डाक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसका प्रवाह करा दिया।
अदलहाट निवासिनी सुनीता पत्नी रामआश्ररे डेढ़ साल पहले अपनी बेटी को कुएं में फेंक दिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में वह जिला जेल में बंद चल रही है। सुनीता के उसके पेट में गर्भ था। बुधवार की रात उसके पेट में अचानक दर्द हुआ तो वह बाथरूम गई। इसी दौरान उसने शिशु को जन्म दे दिया। गर्भ विकसित नहीं होने के कारण उसे अधिक परेशानी होने लगी। इसकी जानकारी होने पर जेल कर्मी नवराज को जेल के चिकित्सालय में ले गए जहां से उसको जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। जेल कर्मी नवजात और सुनीता को लेकर जिला चिकित्सालय जा रहे थे कि रास्ते में नवजात मौत हो गई। बताया जाता है कि सुनीता ने दो शादियां की थी। दूसरे पति को पाने के लिए उसने अपनी पहले पति की डेढ़ साल की बेटी को कुएं में फेंककर मार डाला था। हालांकि जेल अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि महिला ने अपने गर्भवती होने की बात किसी को नहीं बताई थी।
जेल अधीक्षक अनिल राय ने कहा कि जिला जेल में बंद चल रही महिला बंदी बुधवार की रात बाथरूम गई थी जहां उसने अल्पविकसित नवजात को जन्म दिया। उसे चिकित्सालय भेजा जा रहा था तभी नवजात की मौत हो गई।