मिर्जापुर। प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में बर्तन व्यापारियों ने शुक्रवार को दुर्गा देवी कसरहट्टी से जूलूस निकाला। जिला मुख्यालय पहुंचे व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। पत्रक में बर्तन व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदूषण नियंत्रण विभाग को गलत सूचना देकर काम बंद करवाने की फिराक में हैं। पत्रक सौंपने के बाद आक्रोशित व्यापारियों नेे साइलस तिराहा पर आकर जाम लगा दिया। इसकी सूचना पर मौके पर पहुंचे शकर कोतवाली व कटरा कोतवाली के प्रभारियों ने जाम समाप्त कराया।
पत्रक में कहा कि बर्तन व्यवसाय जिले का अति प्राचीन कुटीर उद्योग की श्रेणी में आता है। घरेलू उपयोग में आने वाली पीतल एवं तांबा के बर्तन लोटा, गिलास, कल्छुल, पतीली, परात, हंडा, गगरा, थारा, छिलुई आदि बर्तन मजदूरों से बनवाए जाते हैं। इस व्यवसाय में कसरहट्टी के प्रत्येक घर के लोग जुड़े हैं। इसके अलावा बर्तन बनाने में लगे गांव के हजारों मजदूरों के परिवारों का भी जीविकोपार्जन इसी से होता है। पत्रक में कहा कि व्यवसाय पांच सौ वर्षों से चल रहा है, जिसमें शहर व ग्रामीण से अधिकांश लोग जुड़े हुए हैं। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बर्तन निर्माण व मरम्मत व्यवसाय को बंद कराने के लिए तथा-कथित लोग कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। गलत सूचना पर प्रदूषण के नाम पर विभागिय नोटिस व्यापारियों को दिया जा रहा है। पत्रक सौंपने के बाद आक्रोशित व्यापारियों ने टीबी अस्पताल के पास साइलस तिराहा पर जाम लगा दिया। इस दौरान व्यापारियों ने सरकार विराधी नारे लगाए। जाम व प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि बर्तन व्यवसाय बंद हो जाने की स्थिति में जिले का व्यापार जगत संकट में आ जाएगा। जाम लगाए लोगों ने जिले को पीतल नगरी घोषित करने की मांग कर नारेबाजी करते रहे। सूचना पर पहुंची सिटी व कटरा थाना प्रभारियों ने व्यापारियों को समझा बुझा कर जाम समाप्त कराया। इस दौरान संगठन के प्रदेश मंत्री रूपेश कुमार, पूर्वांचल प्रभारी हरिओम सिंह, श्रीकिशन कसेरा, प्रसून अग्रहरि, केशव अग्रवाल, गौतम अग्रवाल, विष्णु कसेरा, आशीष कसेरा, शुभूनाथ, संजय सोनी, अनुपम सिंह, अभिषेक सिंह, रूपेश वर्मा, विरेंद्र सिंह, सत्यम गुप्ता, अनुज सिंह, अनुराग कसेरा, रामजी कसेरा, राम कुमार, अमरनाथ कसेरा, देवेंद्र सिंह, सतीश चंद्र, मोनू, द्वारका, शिवांशु सिंह समेत सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।