राजगढ़। विकास खंड के खमहवा जमुति गांव के सामुदायिक भवन की जमीन को खनन विभाग ने फर्जी नक्शा व खतौनी के आधार पर वाराणसी के एक व्यक्ति को लीज पर दे दिया। गांव के ही राजेंद्र प्रसाद की शिकायत पर जिलाधिकारी ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। उप जिलाधिकारी चुनार को जांच सौंगी गई है। सात साल पहले इस जमीन की लीज की गई थी।
एसडीएम चुनार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में सर्वेयर राम सुरेश राम ने बताया कि सन 2011 में इस जमीन का खनन पट्टा वाराणसी के शरद शर्मा के नाम से किया गया था। जिस जमीन का पट्टा किया गया उसका नंबर 278 है। इसको तहसीलदार चुनार द्वारा वर्ष 2004 में ही गांव के सामुदायिक भवन के नाम कर दिया था। बताया जाता है कि फर्जी मानचित्र व खतौनी में हेराफेरी कर वर्ष 2011 में लीज ली गई। इस पर सर्वेयर राम सुरेश राम ने ही रिपोर्ट लगाई थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर खान अधिकारी नवीन कुमार दास ने लीज जारी कयिा था। अब जब 20 अगस्त वर्ष 2004 को ही रकबा 0.510 हेक्टेयर जमीन को सामुदायिक भवन के लिये पट्टा कर दिया था तो15 अप्रैल 2011 को उसकी लीज खनन विभाग ने कैसे की। आरंभिक जांच में कागजों में हेराफेरी की बात सामने आई है। उप जिलाधिकारी चुनार का कहना है कि शिकायती पत्र में लगाए गए दस्तावेज को देखने से पहली नजर में पूरा प्रकरण फर्जी लग रहा है। जांच के बाद पूरी बात सामने आ पाएगी।