मिर्जापुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पीएन श्रीवास्तव ने फिरौती के लिए सात वर्ष के बालक का अपहरण कर उसकी हत्या करने के जुर्म में दोष सिद्घ पाए जाने पर सोमवार को तीन आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही तीनों को 35-35 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया।
अभियोजन अनुसार चील्ह थाना क्षेत्र के धौरहरा गांव निवासी एवं वादी मुकदमा पंकज कुमार सिंह पुत्र तिलक धारी सिंह ने 29 नवंबर 2015 को थाने में लिखित तहरीर दिया। आरोप लगाया कि उसका सात वर्षीय पुत्र कृष्णा सिंह शाम छह बजे घर से अकेले सड़क की ओर खेलने गया था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर बालक की तलाश शुरू की। घटना के दूसरे दिन 30 नवंबर को चील्ह के थाना क्षेत्र के अनुरुद्घपुर पश्चिम पटटी पंचायत भवन के पीछे अरहर के खेत में उसकी लाश बरामद हो गई। विचेवना के दौरान आरोपी गाजीपुर जनपद स्थित शहर कोतवाली क्षेत्र के सकरा गांव निवासी रवि सिंह पुत्र प्रेमनारायण सिंह व थाना चील्ह के धौरहरा गांव निवासी शंकर सिंह उर्फ सूरज सिंह पुत्र सदर बहादुर तथा चील्ह के ही धौरहरा गांव निवासी बवाली उर्फ शशिधर सिंह पुत्र राजधर सिंह ने बालक का फिरौती के अपहरण कर लिया था। फिरौती का 15 लाख रुपया नहीं मिलने पर तीनों ने मिलकर उसकी हत्या कर अरहर के खेत में लाश को फेंक दिया था। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 363, 302 व 201 भादस में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता रमेंद्र कुमार शुक्ल एवं सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी ने नौ गवाह प्रस्तुत कराया। जिसकी सुनवाई न्यायालय ने सोमवार को किया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान एवं अधिक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों में सभी धाराओं में दोष सिद्घ पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास के साथ 35-35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। एक आरोपी रवि सिंह सजा होने की भनक लगते ही भाग गया। उसके खिलाफ न्यायालय ने वारंट जारी किया है।