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250 एमसीएफटी पानी से 53 गांव के दस हजार हेक्टेयर खेतों की होगी सिंचाई

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अहरौरा । धान की फसल की रोपाई के लिए अहरौरा जलाशय से गड़ई नदी में एक सप्ताह तक पानी छोड़ा जाएगा । जिससे किसानों को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा । किसानों की मांग पर गुरुवार को दोपहर से सूलूस गेट दो फीट तक खोल दिया गया । एक सप्ताह में जलाशय का 250 एमसीएफटी पानी गड़ई नदी में छोड़ा जाएगा । जिससे 53 गांव के दस हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जाएगी ।
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अहरौरा जलाशय के सूलूस गेट से पानी गडई नदी से होकर हुसैनपुर बियर पहुंचता है जहां से भागवत ब्रांच व चौकियां ब्रांच के लिए पानी छोड़ा जाता है । भागवत ब्रांच से पानी मुगलसराय रजवाहा से निकलकर दौलताबाद माइनर,कौडिया माइनर ,पथरौरा माइनर,हिनौता माइनर से चांदताली माइनर तक पहुंचता है । वहीं चौकियां ब्रांच से शेरवा माइनर व बिक्सी माइनर की नहरों में पानी छोड़ा जाता है । इसके साथ ही भागवत ब्रांच से ही फरहदा माइनर,नीबी माइनर व नीझरी माइनर से पानी टेल तक पहुंचता है । इन नहरों से जमालपुर व चंदौली के दस हजार हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होती है । जबकि अहरौरा क्षेत्र के पांच सौ हेक्टेयर की भी खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है । अहरौरा के आस पास के खेतों में सिंचाई के लिए डोंगीया जलाशय पर निर्भर होना पड़ता है । डोंगीया जलाशय से चैनल के माध्यम से पानी मेन नहर में छोड़ा जाता है जिससे 42 गांव के खेतों की सिंचाई हो पाती है । गुरुवार को अहरौरा जलाशय से एक सप्ताह तक पानी गडई नदी में छोड़ा जाएगा जिससे जमालपुर व चंदौली के गांव को धान की फसल की रोपाई के लिए पानी की कमी नहीं पड़ेगी । गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश से दोपहर तक अहरौरा जलाशय में पांच सौ एमसीएफटी पानी पहुंच गया । वहीं डोंगीया जलाशय में गुरुवार तक दो सौ एमसीएफटी पानी दर्ज किया गया । किसानों की मांग पर डोंगीया से पानी छोड़े जाने की बात कहीं जा रही है ।
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