मिर्जापुर। हजरत हाजी नूर मोहम्मद शाह उर्फ सिपाही बाबा के सोलहवें उर्स के दूसरे दिन दिन मंगलवार को हजारों की तादात में जायरीन उमड़ पड़े। इस दौरान लोगों ने मत्था टेका और मजार पर चादरपोशी कर मन्नतें मांगी।
नमाज ईशा के बाद सिपाही बाबा के पांचों सज्जादों सूफी शमसुद्दीन, हसनी नूरी कादरी, हाजी निजामुद्दीन नूरी कादरी, सूफी कमरुद्दीन नूरी कादरी, सूफी शहाबुद्दीन नूरी कादरी व जलालुद्दीन नूरी कादरी ने हल्काए जिक्र फातिहा के साथ दूसरे दिन के उर्स का आगाज किया। कव्वालों ने बाबा की शान में कव्वाली सुनाकर उर्स में समां बांध दिया। दूसरे दिन बाबा के बड़े सज्जादे हिन्दु व मुस्लिम एकता के लिए दुआएं की। उर्स में मुख्य रूप से डा बीयू अंसारी, मास्टर इश्तियाक, जाहिद हुसैन, अधिवक्ता नूर हसन, डा. मुमताज, मो हसन, डा. मुश्ताक, टीपू, कुरबान, कलीम नूरी, झुग्गी लाल मौजूद रहे।
इससे पहले कटरा कोतवाली के पीछे स्थित छोटा मिर्जापुर से भारी संख्या में जायरीन चादर-गागर के साथ सिटी ब्लाक के जसोवर पहाड़ी स्थित नूरी नगर पहुंचे। बड़ी संख्या में महिलाओं व बच्चों ने सात किलोमीटर का पैदल चक्कर लगा हजरत हाजी नूर मोहम्मद शाह उर्फ सिपाही बाबा को चादर चढ़ाया।