मिर्जापुर। ट्यूशन पढ़ाते समय दो नाबालिग छात्राओं से छेड़खानी करने के आरोपी गणित विषय के शिक्षक गणेशपुर कालोनी कजरहवा का पोखरा निवासी ज्योति प्रकाश दुबे की जमानत अर्जी को शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष शर्मा की अदालत ने नामंजूर कर दिया। अदालत ने कहा कि अपराध गंभीर है। समस्त तथ्यों, परिस्थितियों, तर्कों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त की जमानत का उचित आधार नहीं है। इसलिए उसकी जमानत अर्जी निरस्त की जाती है।
अभियोजन अनुसार कटरा कोतवाली क्षेत्र की दो नाबालिग छात्राओें ने आठ फरवरी 2018 को कटरा कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि लालडिग्गी स्थित लायंस स्कूल मिर्जापुर के गणित शिक्षक ज्योति प्रकाश दूबे दोनों के घर अलग-अलग समय पर आकर गणित का ट्यूशन पढ़ाते थे। ज्योति प्रकाश पढ़ाई के दौरान दोनों से अश्लील हरकत करते थे। यहीं नहीं उसके साथ गलत कार्य भी करते थे। विरोध जताने पर धमकी देते थे कि अगर इसके बारे में किसी को बताया तो दोनों को फेल करा देंगे। शिक्षक की हरकत देखकर एक छात्रा ने गणित की पढ़ाई ही छोड़ दी। दोनों पीड़ित छात्राओं ने 161 व 164 के बयान में मजिस्ट्रेट के सामने घटा की पुष्टि की। वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेंद्र कुमार शुक्ल ने जमानत का विरोध करते हुए यह तथ्य भी रखा कि शिक्षक की ओर से शिष्यों के साथ इस तरह का व्यवहार करना घोर अपराध की श्रेणी में आता है। अभियुक्त की स्थिति पीड़िताओं के संरक्षक एवं न्यासी की भी है। अभियुक्त पर एक से अधिक बार ट्यूशन पढ़ाने के दौरान अपराध करने का आरोप है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।