हलिया। धनाभाव के चलते सांसद आदर्श गांव ददरी में पौने पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ग्रामीण समूह पेयजल योजना अधर में लटकी हुई है । परियोजना शुरू हुए करीब डेढ़ वर्ष बीत गए लेकिन अभी तक आधे से अधिक निर्माण कार्य अधूरे हैं। ऐसे में पाइप लाइन तथा एक ट्यूबवेल लगाने के बावजूद गांव में सही ढंग से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है ।
विकास खंड हलिया के सांसद आदर्श गांव ददरी को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए करीब ढाई वर्ष पूर्व चार करोड़ 77 लाख 92 हजार रुपए की योजना स्वीकृत की गई थी। योजना के तहत गांव में तीन ट्यूबवेल की स्थापना के साथ जल संग्रह के लिए एक ओवर हेड टैंक भी बनाया जाना है । इसके अलावा ग्राम पंचायत के सभी मजरों में लोहे की पाइप लाइन बिछा कर पेयजल की आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित है । विडंबना यह है कि योजना के तहत गांव में पाइप लाइन तो बिछा दी गई है। स्थापित होने वाले तीनों ट्यूबवेल की बोरिंग भी हो गई है। एक ट्यूबवेल का भवन तथा बाउंड्री बना कर उसमें पंप भी लगा दिया गया है। पूरे गांव में करीब 80 लोगों को पेयजल का कनेक्शन देकर आपूर्ति भी शुरू तो कर दी गई है, लेकिन दो ट्यूबवेल तथा ओवर हेड टैंक का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है । समस्या यह है कि दो ट्यूबवेल तथा ओवर हेड टैंक का निर्माण नही होने से पेयजल आपूर्ति का कार्य मजाक बन कर रह गया है । लोगों का कहना है कि जब तक दोनो ट्यूबवेल और ओवर हेड टैंक का निर्माण नहीं होगा तब तक गांव में सही ढंग से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाएगी । ग्राम प्रधान धनंजय पटेल का कहना है कि योजना कार्य पूर्ण नही होने से गांव में पेयजल की आपूर्ति का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है ।
स्वीकृत संपूर्ण धनराशि में से करीब डेढ़ वर्ष पूर्व दो करोड़ 25 लाख 95 हजार रुपए प्राप्त हुए थे। प्राप्त धनराशि के सापेक्ष योजनागत कार्य करा दिया गया है। बकाया धनराशि के लिए शासन से मांग की गई है । धन मिलते ही बकाया सभी कार्य पूर्ण कराया जाएगा । - एके सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम अभाव शाखा।