मिर्जापुर। जनपद में अमान्य स्कूलों के खिलाफ विशेष निरीक्षण अभियान चलेगा। नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 लागू होने के बाद से बिना मान्यता के कोई भी विद्यालय संचालित नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति या प्रबंधक बिना मान्यता प्राप्त किए विद्यालय का संचालन करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संचालित हो रहे अमान्य स्कूलों को तत्काल बंद कराए।
सरकार द्वारा छह से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल, मान्यता प्राप्त प्राथमिक और जूनियर विद्यालय संचालित किया जा रहा है। नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 लागू होने से बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन कदापि नहीं होगा। यदि कोई प्रबंधक बिना मान्यता स्कूल संचालित करता है तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना होगा। साथ ही उल्लंघन जारी रखने पर प्रतिदिन दस हजार की दर से जुर्माना वसूला जाएगा। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी स्कूल बिना मान्यता संचालित नहीं हो रहा है। इसकी जांच करके रिपोर्ट जुलाई के प्रथम सप्ताह में कार्यालय में उपलब्ध कराए। यदि कोई प्रबंधक विद्यालय बंद नहीं करता है तो एफआईआर दर्ज कराने के लिए इसकी सूचना डीएम और थानाध्यक्ष को दें। यदि फिर भी स्कूलों का संचालन मिला तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों का होगा।