यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित हुआ तो जिले के नक्सल प्रभावित इलाके राजगढ़, सक्तेशगढ़ आदि इलाकों की दूरी चुनार , अहरौरा और अन्य इलाकों से कम हो जाएगी। इसके लिए केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने नई सड़क का प्रस्ताव बना कर मुख्यमंत्री के पास भेजा था जिसे देख कर मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांग लिया है। प्रस्तावित नये मार्ग से नक्सल प्रभावित खोराडीह, भवानीपुर और सीआरपीएफ का प्रस्तावित ट्रेनिंग सेंटर भी जुड़ जाएंगे।
विगत 21 जनवरी को राजगढ़ ब्लॉक के धनसिरिया में आयोजित एक कार्यक्रम में धनसिरिया के ग्राम प्रधान और तेंदुआकला के प्रधान राजेन्द्र कुमार ने केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल से इस इलाके के लोगों के आवागमन की समस्या को साझा किया था। मुख्यमंत्री के साथ लखनऊ में आयोजित बैठक में अनुप्रिया पटेल ने इस मामले को उठाया था। उन्होंने नई सड़क के लिए दस करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया था जिस पर मुख्यमंत्री ने इस सड़क के लिए डीपीआर मांगा है। यदि सड़क अस्तित्व में आई तो राजगढ़ से चुनार वाया सक्तेशगढ़ की दूरी 18 किलोमीटर और राजगढ़ से अहरौरा वाया हिंदुआरी सोनभद्र की दूरी 35 किलोमीटर कम हो जाएगी। नक्सल क्षेत्र में सड़कों की स्थिति ऐसी है कि अपने जिले में अहरौरा जाने के लिए भी राजगढ़ के लोगों को सोनभद्र के जिला मुख्यालय तक का सफर करना पड़ता है। नई सड़क पर कुल छह पुल भी बनाने का प्रस्ताव है। इस सड़क के नक्सल प्रभावित खोराडीह, भवानीपुर के अलावा धनसिरिया, बलुआ बजाहुर, धौहा आदि इलाके जुड़ेंगे। सीआरपीएफ के लिए प्रस्तावित ट्रेनिंग सेंटर के पास से निकलती हुई सड़क आगे जाएगी। केंद्रीय परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि सड़क के निर्माण से जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी। सड़क शीघ्र मूर्त रूप ले सके इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।