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शिक्षा मित्रों के सहारे चल रहा विद्यालय

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शेरवां। क्षेत्र स्थित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी चल रही है। जिसके चलते स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। वही बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों की कमी का रोना रो रहा है। क्षेत्र के कई स्कूल तो शिक्षामित्रों के भरोसे संचालित हो रहे हैं।
विकास खंड जमालपुर में 176 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं, जिसमें 300 अध्यापकों की तैनाती है। क्षेत्र के डूही गांव में स्थित पूर्व माध्यमिक, प्राथमिक विद्यालय प्रथम व द्वितीय में अध्यापकों की कमी है। जिसके चलते पठन-पाठन का कार्य बाधित है। प्राथमिक विद्यालय प्रथम में 55 छात्र छात्राओं के लिए तीन अध्यापकों के सापेक्ष एक अध्यापक की तैनाती की गई है। वहीं प्राथमिक विद्यालय द्वितीय पर 50 बच्चों को शिक्षा देने की जिम्मेदारी दो शिक्षा मित्रों पर है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दो अध्यापकों की नियुक्ति की गई है, जो सिर्फ गणित व हिंदी पढाते हैं। अन्य विषयों के लिए अध्यापकों की कमी के चलते पठन-पाठन का कार्य बाधित हो रहा हैै। कमोबेश यही हाल क्षेत्र के दर्जनों विद्यालयों की भी है। अभिभावकों की मांग के बाद भी विद्यालयों पर विषय विशेषज्ञ अध्यापकों की नियुक्ति नहीं किए जाने से अभिभावकों में विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है। जयप्रकाश सिंह ने कहा कि अध्यापकों की कमी कर बच्चों के भविष्य के साथ विभाग खिलवाड़ कर रहा है। ओमकार यादव, सुदर्शन सिंह, सुधीर सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, संतोष सिंह, ऋषि सिंह, गोपाल सिंह पटेल, देवेंद्र सिंह, पवन कुमार आदि अभिभावकों ने विद्यालयों पर शिक्षकों की नियुक्ति की मांग जिलाधिकारी से की है।
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प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। स्कूलों में अध्यापकों की कमी की जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिलाधिकारी को दी गई है। विभाग से शिक्षक मिलते ही स्कूूलों में तैनाती दी जाएगी। - प्रदीप कुमार मिश्र, खंड शिक्षा अधिकारी ।
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