मिर्जापुर। जाम से नगरवासियों को निजात दिलाने के लिए नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में नगर पालिका व पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा नगर में एक सप्ताह पूर्व सड़क की पटरियों से अतिक्रमण हटाया गया था। उन्हीं स्थानों पर आज फिर से ठेले और खोमचे वाले काबिज हो गए हैं। दूकानें सज गई हैं। वाहनों के बेेतरतीब खड़े होने से जाम लग जा रहा है। अस्पताल रोड हो या नगर का कोई बाजार, जाम नगर वासियों व राहगीरों के लिए समस्या बन गई है। पुलिस के पास इसका कोई हल दिखाई नहीं पड़ रहा है। जाम से निपटने के लिए योजनाएं बनीं, लेकिन वह कागजों पर ही सीमित रहीं। पुलिस व पालिका की सुस्ती के चलते लोग घंटों जाम में फंसते हैं। जबकि हफ्ता भर पहले ही नगर पालिका ने कचहरी से रामबाग तक जेसीबी के साथ लाव लश्कर लेकर पटरी से अतिक्रमण हटवाया था। पर आज आर्य कन्या रोड, संगमोहाल, रमईपट्टी, पेहटी का चौराहा, खजांची का चौराहा, संकट मोचन आदि इलाकों में दूकानों के सामानों को सड़क की पटरियों पर रखा जाने लगा है। पटरियों पर ठेला, खोमचा वाले लौट आए हैं। बाटा चौराहे से संकट मोचन तक के बाजार में वाहनों से खरीददारी करने आने वाले लोगों को वाहन खड़ा करने का स्थान निर्धारित नहीं है। जिससे वे सड़क के किनारे वाहनों को खड़ा कर देते हैं।
इनसेट
शहर के जाम प्वाइंट
मिर्जापुर। शहर में दिन में सबसे व्यस्ततम इलाका कचहरी से लेकर अस्पताल तक का होता है। जिला पंचायत से लेकर कलेक्ट्रेट तक का इलाका भी जाम की चपेट में अकसर रहता है। वहीं शाम को संकट मोचन से लेकर बाटा चौराहा जाम लग जाता है। दिन में आर्य कन्या रोड पर और तहसील चौराहा से लेकर रमईपट्टी इलाके में स्कूली वाहनों के आने के बाद जाम की स्थिति पैदा होती है। यही हाल इमामबाड़ा का भी है जहां दिन में दो से तीन बार जाम लगना तय होता है।
दूकानदारों में जागरूकता की कमी है। अतिक्रमण को लेकर सभी को जागरूक होना जरूरी है। हालांकि बकरीद के बाद फिर से अतिक्रमण अभियान चलाया जाएगा। - विनय कुमार तिवारी,अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका।