कालीन की रंगाई करने वाली तीन कंपनियां सील
पीसीबी ने प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अनदेखी पर की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की अनदेखी करने वाली तीन कालीन रंगाई कंपनियों को सील कर दिया। उनको चेतावनी दी गई है कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करके उसका प्रणामपत्र लिए बगैर कंपनी खोलने पर मुकदमा कराया जाएगा। इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
जिले के कारपेट कंपनियां मनमाने तरीके से काम कर रही हैं। कालीन की रंगाई से निकलने वाले खतरनाक रसायनों से युक्त पानी का निस्तारण ठीक से नहीं किया जाता है। इसकी शिकायत लोगों ने केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड से की थी। उनका आरोप था कि कारपेट कंपनियां प्रदूषण फैला रही हैं, जिससे मानव जीवन के साथ-साथ पशुओं के लिए खतरा पैदा हो रहा है। गंगा भी प्रदूषित हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक अधिकारी प्रदीप कुमार व तहसील प्रशासन को संयुक्त टीम बनाकर इसकी जांच करने को कहा था। संयुक्त टीम ने आरंभिक जांच के बाद जनपद की आठ कंपनियों ने नोटिस भेज कर स्वच्छता और पर्यावरण मानकों को पूरा करने कहा था। बार-बार चेतावनी देने पर भी मानक को पूरा नहीं करने वाली पांच कंपनियों को बंद करा दिया। अन्य कंपनियों के चलने की शिकायत मिलने पर मंगलवार को फिर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान जंगीरोड स्थित अपोलो डाइनिंग इंडस्ट्रीयल कंपनी, एटजी कारपेट कंपनी पथरहिया, स्वास्तिक डाइनिंग हाउस नटवा के विरुद्घ पर्यावरण प्रदूषण धारा पांच के तहत कार्रवाई करते हुए इनको सील कर दिया। छापेमारी के दौरान नायब तहसीलदार सिटी विकास पांडेय, चौकी इंचार्ज नटवां , चौकी इंचार्ज मंडी डीपी यादव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के केके मौर्या वैज्ञानिक सहायक आदि मौजूद रहे।