हलिया। गर्मी प्रारंभ होते ही हलिया विकास खंड में जल संकट गहरा गया है। विकासखंड के 79 ग्राम पंचायतों में कुल 4023 हैंडपंप, 216 तालाब तथा 1806 कूप मौजूद हैं। पठारी तथा पर्वती क्षेत्र होने के कारण अधिकतर तालाब जहां पानी विहीन हो चुके हैं। वहीं कूपों का जलस्तर नीचे भागने के कारण वह भी सूख चुके हैं। जिससे क्षेत्र में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है।
क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति करने वाली पानी की टंकी लीकेज होने के कारण विभाग तथा प्रधानों के बीच उहापोह की स्थिति बनी हुई है। जल स्तर में सुधार के लिए बनाई गई छोटी-छोटी बंधियां भी सूख चुकी हैं। क्षेत्र के मतवार, नदना, सगरा, कुशियरा, मनिगढ़ा, बरया, देवरी, सोनगढ़ा, बंजारी, पंवारी कलां, पवारी खुर्द, भैसोड़वलाय पहाड़, भैसोड़जेर, मड़वा धनावल सहित पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या को लेकर ग्रामीण परेशान नजर आ रहे हैं। नदी और नाले में भी कम पानी होने के कारण विशेषकर पशुओं के लिए समस्या उत्पन्न हो गई है। कूपों में पानी कम होने के चलते पानी कीचड़युक्त हो गए हैं। मरम्मत के अभाव में हैंडपंपों की हालत खराब है। नदी और तालाब में बचे कुछ पानी के सहारे लोग किसी तरह से अपना काम चला रहे हैं। महीनों से बिगड़े हैंडपंप के कारण क्षेत्र में पेयजल की समस्या बनी हुई है। अहुंगी कलां ग्रामपंचायत के पचपेड़वा मोहल्ले में फुलवंती देवी के घर के सामने लगा हैंडपंप दो वर्षों से खराब है। दर्जनभर से अधिक परिवार पानी के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीण बस्ती से तीन सौ मीटर दूर स्थित विद्यालय के हैंडपंप के सहारे किसी तरह से अपना काम चला रहे हैं। अहुगी कलां ग्राम पंचायत में बनी पानी की टंकी पाइप लाइन में हुए लीकेज के कारण खराब पड़ी हुई है। फुलवंती देवी ने बताया कि हैंडपंप में दस पाइप पड़ा था। इसमें से पांच पाइप प्रधानपति द्वारा निकलवा लिया गया है। बताया कि हैंडपंप खराब होने पर एक बार अपना पैसा लगाकर बनवाया गया था लेकिन कुछ दिन तक चलने के बाद पुन: साथ छोड़ दिया। हैंडपंप खराब होने के चलते उसमें पशुओं को बांधा जा रहा है। हलिया विकासखंड के 79 ग्रामसभाओं में पेयजल सुविधा के लिए 4023 हैंडपंप लगाए गए हैं। मरम्मत के अभाव में अधिकांश हैंडपंप हाथी के दांत बने हुए हैं।
खराब हैंडपंपों को बनवाने के लिए संबंधित ग्राम प्रधानों और सचिवों को निर्देशित कर दिया गया है। जहां पानी की किल्लत है, वहां टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। - रमेशचंद उपाध्याय, एडीओ पंचायत, हलिया