मिर्जापुर। इन दिनों क्षेत्र में विचरण कर रहे छुट्टा मवेशी लोगों के परेशानी के सबब बने हुए हैं। नगर के विभिन्न चौराहों और तिराहों के साथ ही गलियों में बेखौफ टहल रहे ऐसे मवेशियों को देख लोग रास्ता बदलकर चल रहे हैं। स्कूल व बाजार आते जाते समय बच्चों व महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यदि थोड़ी सी चूक हुई तो वे किसको सींग मार देंगे कुछ कहा नहीं जा सकता है। नगर में कई ऐसे विचरण कर रहे मवेशियों के हमले से अब तक जहां कई घायल हो चुके हैं वहीं कुछ की मौत तक हो चुकी है। ग्राम्यांचलों में तो ऐसे छुट्टा मवेशी किसानों के गाढ़ी मेहनत की कमाई एक झटके में चट कर जा रहे हैं। किसान क्षेत्र में नील गाय से उबर नहीं पाए थे कि अब छुट्टा ऐसे मवेशियों की भरमार हो गई है। सब्जियों की खेती में काश्तकारों को रतजगा कर रखवाली करनी पड़ रही है। जिगना प्रतिनिधि के अनुसार, अवारा पशु गेहूं, चना, मटर, अरहर, मसूर की फसलों के अलावा आलू, टमाटर, गोभी, बैगन व पालक आदि सब्जियों को छुट्टा मवेशी नुकसान पहुंचा रहे हैं। पलक झपकते ही झुंड में देखे जा रहे हैं। चुनार प्रतिनिधि के अनुसार, छुटटा पशुओं के नगर में स्वतंत्र विचरण करने से अब तक वाहनों से गिरकर लगभग दर्जन भर लोग चुटहिल हो चुके हैं। हलिया प्रतिनिधि के अनुसार, छुट्टा पशुओं से ग्रामीण व किसान आजिज आ गए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बोई गई फसल गेहूं ,चना, मटर ,मसूर छुट्टा पशुओं द्वारा रातो रात चट कर दिया जा रहा है। आजीज आए किसान इनके भय से खेती करने से कतरा रहे हैं। बबुरा, बंजारी, मडवा मतवार, कुशियारा,सोनगढ़ा, बेलाह गांव में किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं। क्षेत्रीय किसान जेठू राम, राधे श्याम दुबे, सुरेश दुबे, दिनेश माधव लाल आदि का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में झुंड के झुंड टहल रहे छुट्टा मवेशियों द्वारा काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।