शेरवां। विकास खंड जमालपुर के ग्राम पंचायतों में छोड़ी गई सार्वजनिक भूमि पर दबंगाें के कब्जा कर लेने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दबंग किसान चकरोडों व नाली को काट कर अपने खेत में मिला चुके हैं। भूले भटके यदि कोई उस मार्ग से खेत जुताई के लिए ट्रैक्टर ले जाता है तो चकरोड की जमीन अपनी बता संबंधित किसान मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। इससे गांव के अन्य किसानों में रोष है। क्षेत्र के देवरिया, सेमरां, भभौरा के दबंग किसानों ने ग्राम समाज की जमीन, सार्वजनिक भूमि, खलिहान व पोखरे की जमीन समेत कुम्हार के गड्ढों पर कब्जा कर रखा है।
क्षेत्र के देवरिया गांव में स्थित आराजी नंबर 217 व 218 नाली व चकमार्ग को बगल के काश्तकारों द्वारा कब्जा कर अपने चक में मिला लेने से ग्रामीणों को आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खलिहान समेत पोखरे की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। कमोवेश यही हाल सेमरा व भभौरा के दबंग किसानों की है। कब्जा हटवाने के लिए देवरिया गांव निवासी भारतीय सामाजिक न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष धुरंधर सिंह रघुवंशी ने 12 अक्तूबर व 15 अक्तूबर को उप जिलाधिकारी चुनार को पत्रक सौंपकर चकबंदी के दौरान छोड़ी गई गांव समाज की सार्वजनिक भूमि, चकरोड, खलिहान, कुम्हार गड्ढे, पोखरे को कब्जेदारों से मुक्त करने की मांग की थी। उपजिलाधिकारी चुनार ने थानाध्यक्ष जमालपुर व राजस्व निरीक्षक को उपरोक्त आरजी भूमि की पैमाइश कराने का आदेश दिया था। बावजूद इसके ग्राम सभा की जमीन की पैमाइश करने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारिओं द्वारा कोई रुचि नहीं ली गई। थक हार कर धुरंधर सिंह रघुवंशी ने चार दिसंबर को मुख्यमंत्री को डाक द्वारा ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई।
इस संबंध में थानाध्यक्ष सूर्यभान राम ने बताया कि उप जिलाधिकारी का पत्र मिला है। लेकिन मौके पर राजस्व विभाग का कोई अधिकारी पैमाइश करने नहीं जा रहा है। मामला राजस्व विभाग से जुड़ा हुआ है। सेमरां व भभौरा गांव के मटरू राम प्रजापति, महेंद्र कुम्हार, अशोक कुम्हार, रामासरे कुम्हार, दीना नाथ यादव, राजेंद्र प्रसाद सिंह, रमेश सिंह, प्रभात श्रीवास्तव, सुबास चंद्र सिंह आदि किसानों ने इस ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया है।