मां विंध्यवासिनी के दर्शन करते डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा
मिर्जापुर। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शुक्रवार को अष्टभुजा डांक बगले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें बोर्ड परीक्षा को पारदर्शिता के साथ नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने का निर्देश दिया। कहा कि परीक्षा केंद्र किसी के दबाव व सिफारिश में आकर न बनाया जाए। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करेगी। इसमें जिलाधिकारी का निर्णय अंतिम होगा। डीएम और डीआईओएस की गाड़ी में जीपीएस लगेगा और दोनों अधिकारी जीपीएस लगी अपनी गाड़ी से ही परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने जाएंगे।
नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ वायस रिकार्डिंग करने को भी कहा गया है ताकि वहां किसी तरह की बातचीत हो तो उसपर भी निगाह रखा जा सके। नकल माफियाओं पर गोपनीय तरीके से निगरानी रखते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है। कहा कि शिक्षा को रोजगार परक बनाने के लिए शोधपीठ की स्थापना की गई है। शिक्षकों के स्थानांतरण नीति में भी बदलाव किया गया है। अब किसी भी शिक्षक को जिला विद्यालय निरीक्षक अथवा अन्य अधिकारी के यहां चक्कर लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। शिक्षक स्थानांतरण के लिए अपने पूरे विवरण के साथ आन लाइन दर्ज कराए। विधवा, अविवाहिता महिला, दिव्यांग आदि को प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरण का लाभ दिया जाएगा। अब कोई माध्यमिक विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं रहेगा। इसके लिए 12 हजार खाली चल रहे पदों को भरने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मझवां सुचिस्तिता मौर्या, मड़िहान विधायक रमाशंकर पटेल, चुनार विधायक अनुराग सिंह, छानबे विधायक राहुल प्रकाश कोल, जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी के अलावा जिलाधिकारी अनुराग पटेल, पुलिस अधीक्षक शालिनी, मुख्य विकास अधिकारी प्रियंका निरंजन, एडीएम राजितराम प्रजापति, एसडीएम सदर आशुतोष दूबे, डीआईओएस देवकी सिंह मौजूद रहे।