जमालपुर। ग्राम प्रधान अपने ग्राम पंचायत में अब मनरेगा योजना से आंगनबाड़ी केंद का निर्माण करवा सकेंगे। इसके लिए उनको मंत्री या विधायक के सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ेगी। शासन द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया है। निर्माण के दौरान ग्राम पंचायत को लागत का ढाई गुना कच्चा मिट्टी का कार्य कराना पड़ेगा।
गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र बनवाने के लिए अब कोई परेशानी नहीं होगी। शासन के निर्देशानुसार किसी ग्राम पंचायत में मनेरेगा के तहत पीओ से आदेश लेकर आंगनबाड़ी केंद्र बनवा सकेंगे। निर्माण के लिए मनरेगा के तहत 60 - 40 के अनुपात कार्य कराया जाएगा। इसके लिए आईसीडीएस विभाग से आंगनबाड़ी केंद्र बनवाने की अनुमति लेनी होगी। एक आंगनबाड़ी केंद्र बनाने में लगभग सात से आठ लाख रुपये खर्च आएगा। विकास खंड जमालपुर के 99 ग्राम पंचायतों में 315 आंगनबाड़ी केंद्र है। जिनमें से लगभग 45 आंगनबाड़ी केंद्र ही अपने भवन में संचालित हो रहे है जबकि शेष आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही बच्चों और गर्भवती धात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्जन
किसी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र की जरूरत होने पर प्रधान द्वारा आईसीडीएस विभाग से अनुमति लेनी होगी और इसके बाद मनरेगा के तहत आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग को आईसीडीएस विभाग से लिखवाना पड़ेगा की वहां पर आंगनबाड़ी केंद्र की जरूरत है।- प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी।