मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के नकहरा चौसा मोड़ पर कथित तौर पर झोलाछाप के यहां भाप दिलाने के दौरान दवा दिए जाने के बाद 10 महीने की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जसोवर गांव निवासी सनोज कुमार उर्फ गणेश ने तहरीर में बताया कि 10 माह की बेटी को इलाज के लिए कृष्णा अस्पताल में कराया गया था। इलाज के बाद बच्ची की हालत ठीक होने पर वह उसे घर ले आए। अगले दिन डॉक्टर ने बच्ची को भाप दिलाने की सलाह दी। इसके बाद वह बच्ची को लेकर नकहरा चौसा मोड़ स्थित डाॅ. जगदीश विश्वकर्मा के पास पहुंचे। डॉक्टर के निर्देश पर अभिषेक पाल और दिनेश यादव ने बच्ची को दवा दी। दवा देने के तुरंत बाद बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद डॉक्टर के मौके से चले जाने का भी आरोप लगाया गया है। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि डाॅ. जगदीश विश्वकर्मा के पास चिकित्सा संबंधी कोई डिग्री नहीं है और वह अवैध रूप से अस्पताल चला रहे हैं। मामले में पुलिस ने डा. जगदीश विश्वकर्मा, अभिषेक पाल और दिनेश यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। देहात कोतवाल अमित मिश्रा में बताया कि झोलाछाप उसके कंपाउंडर के खिलाफ कानून की दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है ।