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जीरो अमाउंट टिकट मामले में बढ़ गए घपलेबाज

Thu, 25 Aug 2016 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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एमसीटीएसएल में हुए जीरो अमाउंट टिकट घपले में कुछ और कर्मी पकड़ में आए हैं। अब तक जांच से बाहर चल रहे फोरमैन को भी कर्मचारियों के हंगामा करने पर जांच में शामिल कर लिया गया है।
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लाखों रुपये की चपत लगाने वाले दोषी कर्मचारियों का मामला बोर्ड बैठक में रखा जाना है। बोर्ड के फैसले अनुसार ही इन पर कार्रवाई की जानी है। फिलहाल पकड़े गए परिचालकोें को ऑफ रोड किया गया है। दोषी टीआई भी चेकिंग से हटा दिए गए हैं।
मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड में कार्यरत संविदा परिचालकों ने ईटीएम से निकलने वाली जीरो अमांउट के टिकट यात्रियों को देकर कंपनी को करीब 6 लाख रुपये की चपत लगाई है। मामले की जांच में पकड़ में आए करीब एक दर्जन परिचालकों को उन्हें ऑफ रोड कर दिया गया था। दूसरे चरण की जांच में भी करीब आधा दर्जन संविदा परिचालक पकड़ में आए हैं। इन पर भी करीब एक लाख रुपये गबन करना सिद्ध हुआ है।
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इसके अलावा कंपनी का फोरमैन भी मामले में संलिप्त बताया गया है। कर्मचारी नेताओं के दबाव में फोरमैन को जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों पर फोरमैन को बचाने का आरोप भी लगाया गया है। मामले के एक बार फिर से गरमाने से परिचालकों में हड़कंप मचा है। कंपनी के एमडी संदीप लाहा ने बताया कि पहले चरण की जांच पूरी हो गई थी। इसमें एक दर्जन से ज्यादा परिचालक दोषी मिले थे। दूसरे चरण की जांच में भी आधा दर्जन परिचालक दोषी मिले हैं। मामला कंपनी की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मामले को दबाने का प्रयास
घपले का खुलासा करने वाले एवं रोडवेज कर्मचारी संघ के शाखा अध्यक्ष विकास राणा ने बताया कि यह मामला अधिकारियों के खुलासे से कहीं बड़ा है। अधिकारी इसे दबाने का प्रयास कर रहे हैं। दो महीने होने के बाद भी मामले में दोषी कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई है। जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, उनकी यूनियन आंदोलन करती रहेगी।
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