कारी इस्हाक गोरा और जायरा वसीम खान का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दंगल फिल्म में दमदार किरदार निभाने वाली कश्मीर की जायरा वसीम खान के बॉलीवुड को अलविदा कहने के निर्णय का उलमा ने खुले दिल से स्वागत किया है। उलमा का कहना है कि जायरा ने गलत रास्ता चुना था, लेकिन अल्लाह ने उन्हें हिदायत दी और उस रास्ते पर चलने से उन्होंने तौबा कर ली।
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि कश्मीर की जायरा वसीम खान ने फिल्मी दुनिया का जो रास्ता चुना था। उसके लिए इस्लाम और शरीयत में सख्ती के साथ मना किया गया है। लेकिन उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि उन्होंने गलत रास्ता चुना और फिर बिना किसी दबाव के उससे तौबा कर ली। यह बहुत ही सराहनीय है और इसके लिए जायरा बधाई की पात्र हैं।
वहीं कारी इस्हाक ने कहा कि इस तरह के अमल के लिए शरीयत में कोई गुंजाइश नहीं है। जायरा की तरह दूसरे लोगों को भी चाहिए कि वह गलत रास्तों से तौबा करें और जायज कामों को करें। फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि अल्लाह जब किसी का मन बदलता है तो उसे अपनी गलती का अहसास होता है और वह गलत कामों से तौबा कर लेता है। यही जायरा वसीम के साथ हुआ। यह बहुत ही खुशी की बात है कि जायरा ने यह महसूस किया कि वह इमान के रास्ते से भटक रही हैं। जिसकी वजह से उन्होंने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया।
मुफ्ती अरशद ने कहा कि दूसरे लोगों को भी जायरा के फैसले से सबक लेना चाहिए। बता दें कि जायरा वसीम खान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्मी दुनिया को अलविदा कहने का एलान किया है।
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