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युवा ने संभाली शहर को कूड़े से मुक्त करने की कमान

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रूड़की रोड स्थित ए टू जेड कॉलोनि मे कुड़े से कम्पोज खाद बनाने की जगह दिखते हुए - फोटो : MODIPURAM
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मेरठ।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को कूड़े से मुक्त करने में भले ही नगर निगम असफल रहा हो, लेकिन मेरठ के युवा ने इस ओर कदम बढ़ाया है। इसकी शुरूआत रुड़की रोड स्थित गेट बंद कालोनियों से की गई है। इसके तहत घर-घर से कूड़ा लेकर निस्तारित किया जा रहा है। यह पहल जन जागरूक जग कल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन आयुष मित्तल ने की है।
1500 घरोें का कूड़ा हो रहा निस्तारित
रुड़की रोड स्थित एटूजेड कॉलोनी में 1500 घरों से डोर टू डोर गीला और सूखा कूड़ा लिया जा रहा है। गीले कूड़े से कंपोस्ट तैयार की जा रही है। सूखे कूड़ा जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, गत्ता, लोहे आदि को अलग करके कबाड़ी को बेचा जा रहा है। कंपोस्ट को कॉलोनी के पार्क में प्रयोग के लिए निशुल्क दिया जा रहा है। कॉलोनी का कूड़ा कॉलोनी में ही निस्तारित किया जा रहा है।
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भवन स्वामी से प्रतिमाह 50 रुपये वसूली
आयुष मित्तल ने बताया कि वह स्वच्छता अभियान में योगदान देना चाहते हैं। इसकी शुरूआत अपने शहर से की है। फिलहाल एटूजेड कॉलोनी के घरों से कूड़ा लेकर कंपोस्ट बना रहे हैं। डोर टू डोर कूड़ा लेने के लिए हर मकान से 50 रुपये महीना शुल्क लिया जाता है। ताकि कर्मचारियों पर होने वाले खर्च में कुछ सहयोग हो सके।
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मदद के लिए तैयार नहीं निगम
मेरठ के इस युवा की पहल को जनता की सराहना मिल रही है, वहीं नगर निगम अधिकारी सहयोग तक को तैयार नहीं हैं। आयुष ने नगरायुक्त से धन नहीं बल्कि सहयोग मांगा है। उनका कहना है कि अगर नगर निगम उन्हें केवल बाहरी गेट बंद कॉलोनियाें में कूड़ा निस्तारण की इजाजत दे दे तो वहां की जनता उनका सहयोग करेगी। इसकी एवज में नगर निगम से कोई सहयोग राशि नहीं ली जाएगी।
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