खरखौदा। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पुराने भवन की छत पर 45 वर्षीय राकेश का शव सड़ी गली अवस्था में मिला। छुट्टी से लौटे कर्मचारियों को दुर्गंध आने पर घटना की जानकारी हुई। सूचना पर मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव भिडवारा निवासी भुल्लन की बेटी राजेश का विवाह खरखौदा निवासी जितेंद्र के साथ हुआ था। जीविका का कोई साधन नहीं होने के कारण भुल्लन अपनी पत्नी व बेटे राकेश के साथ करीब 20 साल पहले खरखौदा कस्बे में ही आकर रहने लगा। कुछ समय बाद ही भुल्लन व उसकी पत्नी की मौत हो गई। अब केवल राकेश ही अकेला रह गया था। वह खरखौदा में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग में बने पुराने आवासों में रह रहा था तथा मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन-यापन कर रहा था।
पुराने भवन में स्वास्थ्य विभाग में तैनात कुछ कर्मचारी अभी भी रह रहे हैं। एक सप्ताह बाद एक कर्मचारी छुट्टी से लौटकर अपने आवास पर पहुंचा तो उसे आसपास दुर्गंध आई। खोजबीन करने पर उसे भवन की छत पर एक व्यक्ति का सड़ा गला शव पड़ा मिला। जानकारी की तो पता चला कि राकेश छह दिन पहले यहां देखा गया था। मौके पर मिला बिस्तर भी राकेश का ही था। पुलिस ने राकेश के बहनोई जितेंद्र को मौके पर बुलाया तथा शव की पहचान कराई। पुलिस ने बताया कि मृतक राकेश नशे का आदी था और बीमार रहता था। नशे की हालत में वह छत पर आकर सोया होगा तथा अधिक शराब पीने के कारण उसकी मौत हो गई होगी। उधर, मृतक की बहन ने कोई कार्रवाई करने से इन्कार कर दिया। पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।