मेरठ में लगातार पब्लिक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर जिला प्रशासन ने लगाम लगाने की तैयारी शुरु कर दी है। गुरुवार को कलक्ट्रेट के बचत भवन में एडीएम सिटी मुकेश चंद्र ने पब्लिक स्कूलों के प्रिंसिपल, समाज सेवी संस्थाओं और अभिभावकों साथ बैठक की। जिसमें रजिस्ट्रेशन के नाम पर होने वाली अवैध वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश एडीएम सिटी ने दिया।
बैठक में एडीएम सिटी ने कहा कि पब्लिक स्कूल पुरानी किताबों के जरिये बच्चों को पढ़ाये, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल तीन साल से पहले बिना अभिभावकों की सहमति के स्कूल ड्रेस नहीं बदलेगा। इसके अलावा स्कूल ड्रेस या किताब किसी एक दुकान से ही लेने और प्राइवेट किताबों का ज्यादा बोझ डालने से भी स्कूल बचें। यदि ऐसी शिकायत आयी तो कार्रवाई तय होगी।
एडीएम सिटी ने सभी स्कलों से प्री नर्सरी से कक्षा 12 तक वर्ष 2013-14 से वर्ष 2017-18 तक लिये गए पंजीकरण शुल्क, प्रवेश शुल्क, वार्षिक शुल्क, मासिक शुल्क, परीक्षा शुल्क, कंप्यूटर शुल्क, स्मार्ट क्लास शुल्क, मेंटीनेंस शुल्क, भवन शुल्क, शिक्षकों व स्टाफ को दिये गए वेतन और स्कूलों में लगी पुस्तकों और ड्रेस का ब्यौरा मांगा है। एडीएम सिटी सभी स्कूल प्रधानाचार्यों से कहा कि वह चार दिन के अंदर इस ब्यौरे को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि स्कूलों द्वारा दिये गये ब्यौरे की जांच के बाद जिला प्रशासन अपनी अगली रणनीति तैयार करेगा। उन्होंने साफ कहा कि स्कूल सही ब्यौरा उपलब्ध कराएं, क्योंकि इसकी अभिभावकों से क्रास चेकिंग भी करायी जायेगी। एडीएम सिटी ने कहा कि पब्लिक स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए पूरी पारदर्शिता और सख्ती से काम होगा।