अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कार्यालय में पहुंची छात्रा फरजाना
अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग की छात्रवृत्ति के लिए सरकार पर बजट नही है। छात्रवृत्ति और प्रतिपूर्ति के लिए आन लाइन आवेदन करने वाले इस वर्ग के 41941 छात्रों में 12338 छात्रों के डाटा संदिग्ध बताकर इनकी जांच कराई गई। जांच के बाद 9040 छात्र पात्र मिले, जब रिपोर्ट आई तो दोनों विभागों ने छात्रवृत्ति वेबसाइट का वेरीफिकेशन पोर्टल बंद कर दिया। इससे पात्र छात्रों का आनलाइन डाटा अपडेट नहीं हो सका और ये छात्रवृत्ति से वंचित रह गए।
सत्र 2016-17 में पढ़ने वाले कक्षा 6 से हायर एजुकेशन लेवल तक पिछड़े वर्ग के 27,114 छात्रों ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति को आन लाइन आवेदन किया था। 8302 छात्रों के आवेदन डाटा को संदिग्ध मिला। जिला स्तरीय कमेटी की जांच में 6700 छात्रों को पात्र माना गया था। इसी तरह अल्पसंख्यक वर्ग के कुल 14,827 छात्रों ने आवेदन किया था लेकिन इनमें से 4026 छात्रों के डाटा संदिग्ध बताकर जांच कराई गई थी। जांच के बाद इनमें से 2340 छात्र पात्र मिले थे। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय पहुंच रहे छात्र वापस लौट रहे हैं। कार्यालय पहुंची सिसौला खुर्द निवासी बीएड छात्रा फरजाना को प्रतिपूर्ति और गोरखपुर निवासी मेरठ के कालेज का पालीटेक्निक छात्र सुहैल को दोनों ही चीजें नहीं मिली।