माल निकालने की मंजूरी : कंपनी की तरफ से एक पत्र देकर कहा गया कि स्लाटर हाउस बंद है। लेकिन यहां लगभग तीन सौ ट्रक माल है जो तैयार है। इसे तो बाहर भेजना ही होगा, वरना खराब हो जाएगा। इसके लिए समय चाहिए। एमडीए अधिकारियों ने इसके लिए समय सीमा तय करने की तैयारी की है। साथ ही यहां जांच होगी कि वास्तव में माल कितना है।
स्लाटर हाउस हो गया बंद
बात न बनने पर इस फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की गई। अलफहीम की ओर से शमन मानचित्र का आवेदन और 25 लाख रुपये शमन शुल्क जमा किया गया है। बावजूद इसके एमडीए ने इसे सील करने की तैयारी कर दी। तय किया गया था कि 18 दिसंबर को यहां फोर्स व पीएसी ले जाकर एक्शन किया जाए। इससे पूर्व ही 17 दिसंबर को फैक्टरी संचालकों की ओर से एप्लीकेशन दे दी गई कि वह खुद ही इसे बंद कर रहे हैं। तब से स्लाटर हाउस बंद है।
अलीपुर स्थित अल सावेज और अल हबीब मीट प्लांट इससे पहले इसी तरह से बंद हो चुके हैं। यहां भी खामियां थी और एमडीए कार्रवाई की बात कर रहा था। दोनों ही फैक्टरियों के संचालकों ने शपथ पत्र दिया है कि उन्होंने अपने प्लांट खुद ही बंद कर दिए हैं।
इन फैक्टरियों के मानचित्रों का आवेदन भी किया गया है पर यह बोर्ड मीटिंग में ही मंजूर हो सकता है। चूंकि मामला भू उपयोग परिवर्तन का है तो बिना बोर्ड मीटिंग के इसका निदान संभव नहीं है। नक्शा स्वीकृत न होने तक इन्हें अवैध ही माना जाएगा।
यह तो देखा ही जाएगा
तीन सौ ट्रक मीट अलफहीम फैक्ट्री में है भी या नहीं, यह तो देखा जाएगा। अलफहीम संचालक ने इस बाबत प्रार्थनापत्र दिया है कि इस मीट को सप्लाई करने का समय दिया जाए।
-साहब सिंह, वीसी एमडीए
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/