चुनावी सरगर्मियाें में समर्थनों और विरोधों का सिलसिला तेज हो गया है। सोमवार को खासतौर पर अनुसूचित जाति के कुछ लोगों ने बैठक कर हाजी याकूब कुरैशी को बसपा प्रत्याशी बनाने का विरोध कर दिया। इसमें बसपा के भी कुछ पूर्व पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने इस बाबत बसपा सुप्रीमो को भी पत्र भेजने की बात कही।
बैजल भवन में आयोजित इस बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वह बसपा कार्यकर्ता हैं और लंबे समय से बसपा से जुड़े हैं। इस बार गठबंधन से अच्छा माहौल बन रहा है और बसपा प्रत्याशी मेरठ से जीत सकता है, बशर्ते उम्मीदवार सही हो। उन्होंने कहा कि हाजी याकूब कुरैशी के रूप में बसपा ऐसे व्यक्ति को मेरठ से प्रत्याशी बना रही है जिसका क्षेत्र में व्यापक स्तर पर विरोध है। आरोप लगाया कि वर्ष 2002 में याकूब ने बसपा के टिकट पर विधायक बनने के बाद 40 विधायक तोड़ने का काम किया जिसे अनुसूचित जाति के कार्यकर्ता आज तक भूले नहीं हैं। साल 2007 में यूडीएफ बनाकर जीते और मंत्री बनने के चक्कर में यूडीएफ तोड़ दी जिससे मुस्लिम भी नाराज हैं। इसके बाद साल 2014 में मुरादाबाद से लोकसभा चुनाव हारे। साल 2017 में मेरठ दक्षिण से विधानसभा चुनाव में हारे और उनके पुत्र सरधना में हारे।
इन सभी लोगों ने आरोप लगाया कि अहम बात यह है कि बसपा के कोऑर्डिनेटर बिक चुके हैं और सही स्थिति से बसपा सुप्रीमो को अवगत नहीं करा रहे हैं। उन्होंने निर्णय लिया कि सभी लोग बसपा सुप्रीमो को इस स्थिति से अवगत कराएंगे और मांग करेंगे कि किसी साफ छवि के व्यक्ति को मेरठ में टिकट दिया जाए। इस मौके पर बसपा के पूर्व महासचिव डॉ. ओमप्रकाश जाटव भी मौजूद रहे। उन्होंने 15 फरवरी को बसपा सुप्रीमो मायावती के जन्मदिवस पर शास्त्रीनगर पार्क में आयोजित कार्यक्रम में मंच संचालन भी किया था। इसके अलावा पूर्व जिला प्रभारी ओमपाल खादर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष किठौर सुरेंद्र रछौती, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैंट रतनपाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शहर लोकेश जाटव, पूर्व विधानसभा प्रभारी दक्षिण राजाराम भारती, गंगाप्रसाद, ओमपाल, ईश्वर चंद मौर्या, रघुवीर सागर, दाताराम बोध, महेंद्र सिंह, मेवालाल गौतम, नरेंद्र सिखेड़ा, डॉ. नेपाल सिंह, यजेंद्र सिंह खटीक, सुरेंद्र फौजी, कैलाश भारती आदि मौजूद रहे।
अब नहीं हैं ये बसपा में
जो लोग विरोध करने की बात कह रहे हैं वे अब बसपा में नहीं हैं। वे सब पूर्व जिलाध्यक्ष अश्वनी के साथ ही पार्टी छोड़ गए थे। - सुभाष प्रधान, जिलाध्यक्ष बसपा
इंसेट में
कई नए पदाधिकारी बने
मेरठ। मुजफ्फरनगर में सोमवार को हुई बसपा की बैठक में दीपक राणा को मेरठ व सहारनपुर मंडल का मंडल मुख्य प्रभारी बनाया जो जाट समाज को पार्टी से जोड़ने का काम करेंगे। उनके साथ अमर सिंह जाटव को मुख्य प्रभारी के रूप में लगाया गया है। हस्तिनापुर विधानसभा अध्यक्ष श्यामलाल एडवोकेट को तथा हस्तिनापुर विधानसभा प्रभारी कुलदीप गुर्जर को बनाया गया है। अशोक केन और विकास शर्मा को जिला संयोजक भाईचारा कमेटी बनाया गया।