जंगेठी गांव के पूर्व प्रधान की सोमवार दिनदहाडे़ कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई। वारदात के पीछे कारण प्रधानी चुनाव की रंजिश, जमीन का विवाद और शराब तस्करी से जुड़ा बताया गया है। प्रधानपति समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार कंकरखेड़ा के जंगेठी गांव निवासी पूर्व प्रधान प्रवेश गुर्जर (50) पुत्र नैन सिंह दोपहर करीब 12 बजे ईख की बुआई कराकर जंगल से बाइक से गांव लौट रहे थे। तभी रास्ते में कार सवार लोगों ने उन्हें टक्कर मारकर गिरा दिया। प्रवेश के गिरते ही कार से उतरे हथियारबंद लोगों ने उन पर हमला बोलकर कुल्हाड़ी से काट डाला। पूर्व प्रधान की मौके पर मौत हो गई।
सूचना पर परिजनों के साथ ही एसपी सिटी, कंकरखेड़ा थाना प्रभारी आईपीएस सुकीर्ति माधव और सीओ दौराला मौके पर पहुंचे। पूर्व प्रधान के पिता नैन सिंह ने प्रधानपति अर्जुन, उसके भाई प्रवीण, सुरेश व प्रमोद समेत छह लोगों को हत्या में नामजद कराया है। आरोपी प्रवीण और प्रवेश के भाई मुकेश को हिरासत में लिया गया है।
कार से खुले हत्यारोपियों के नाम
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद प्रधानपति की इंडिका कार के बोनट में आग लग गई थी। जिस पर कार वहीं छोड़ दी गई थी। कार और उसमें मिले खून से सने कपड़े देखकर प्रवेश के परिजनों और ग्रामीणों ने प्रधानपति पर शक जताया।
शराब तस्करी के भी तार जुड़े
एसपी सिटी के अनुसार प्रधानपति और पूर्व प्रधान के बीच प्रधानी के चुनाव को लेकर रंजिश चल रही थी। दोनों एक-दूसरे को धमकी दे चुके थे। प्रवेश 2005 में प्रधान बना था, जो 2010 में चुनाव हार गया था। उसके बाद गांव एससी कोटे में आ गया था। अर्जुन चौधरी ने एससी समाज की युवती से शादी कर पत्नी को 2016 में प्रधानी का चुनाव लड़ाया था। पत्नी के चुनाव जीतने के बाद अर्जुन ने गांव में एलान किया था वह प्रवेश को मार डालेगा। वहीं, 2005 में शराब बेचने के आरोप में जेल काट चुके प्रवेश ने गांव के ब्रह्मसिंह से जमीन खरीदी थी, जो बाद में रेलवे लाइन में आने पर प्रवेश को अच्छा मुआवजा मिला था। उसकी कीमत 2.50 करोड़ रुपये बताई गई। ब्रह्म सिंह जमीन को कब्जाने का दावा कर चुका है, तो वहीं प्रवेश का बड़ा भाई मुकेश भी बंटवारे में 70 बीघा जमीन पर हिस्सा बता रहा था। मुकेश प्रधानपति अर्जुन के साथ ही रहता है। पिता का आरोप है कि प्रधानपति ने मुकेश से साजिश कर उसके छोटे बेटे प्रवेश को मार डाला। वरना अर्जुन की अकेले इतनी हिम्मत नहीं थी। वहीं, अर्जुन का नाम भी कई बार शराब की अवैध बिक्री में सामने आ चुका है।
मौत खींचकर ले गई
प्रवेश के दो बेटे अक्षित व विश्वजीत हैं। पत्नी विनीता व दोनों बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। रोजाना की तरह सोमवार को भी प्रवेश दोनों बच्चों को स्कूल से लाकर घर पर आराम कर रहे थे। तभी बोले कि पड़ोसी की ईख बोई जा रही है। मैं एक बार जाकर देख आता हूं। लेकिन क्या पता था कि वहां उन्हें मौत बुला रही है। दोनों बच्चे पिता की मौत का पता लगने पर मम्मी से पूछ रहे थे कि अब उन्हें स्कूल से कौन लाएगा।
शव देखकर रूह कांपी
प्रवेश के सिर, चेहरे, सीने व हाथ पैरों पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। प्रवेश ने हत्यारों से काफी संघर्ष किया था। उसके कपड़े भी फटे हुए थे। बाइक से कुछ दूर पड़ी लाश देखकर लग रहा था कि प्रवेश ने भागने का प्रयास किया। लेकिन बच नहीं सका। अंदेशा है कि प्रवेश को गोली भी मारी गई। हालांकि पुलिस इससे इंकार कर रही है। शव को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई।