प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। कस्बे के श्री प्राचीन दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर स्थित स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के 16वें दिन शुक्रवार को 110 परिवारों ने श्रद्धापूर्वक विधान की मांगलिक क्रियाएं संपन्न कीं।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वेदी पर विराजमान भगवान शांतिनाथ के जलाभिषेक से हुई। श्रद्धालुओं ने त्रिमूर्ति जिनालय में मंगलाचरण, दिग्वंदन, पात्र शुद्धि एवं जल शुद्धि की विधियां संपन्न कीं। शांतिधारा ब्रह्मचारी नरेश चंद जैन एवं उर्मिला जैन ने की और सुनील जैन, आकिंचन जैन, विजय जैन और प्रभात जैन ने सहयोग किया। बाल ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी ने मंत्रोच्चार के साथ शांतिधारा संपन्न कराई।
विधान क्षेत्र में विराजमान मुनि भाव भूषण महाराज ने प्रवचन में कहा कि भगवान शांतिनाथ की आराधना और विधान से आत्मिक शांति प्राप्त होती है तथा श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए धार्मिक अनुष्ठान जीवन के कष्टों को दूर करने में सहायक बनते हैं। उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर में भगवान शांतिनाथ और इस विधान का विशेष महत्व है। इस अनुष्ठान में सहभागिता करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
विधान में मंडल पर अर्घ्य चढ़ाने का सौभाग्य विशाल जैन, सतेंद्र जैन, अंकित जैन, अशोक जैन, नीरज जैन, विनीत जैन, चिराग जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं को मिला। पंडित आशीष शास्त्री और पंडित दिलीप जैन शास्त्री ने आगमोक्त विधिविधान से संपन्न कराया। महाआरती में श्रद्धालुओं ने भजनों पर भक्ति भाव से सहभागिता की। धार्मिक प्रश्नमंच प्रतियोगिता भी आयोजित हुई।