बहसूमा में क्रय केंद्र पर गन्ने से लदे वाहनों की लगी कतार।
- फोटो : BHESUMA
बहसूमा। टिकौला चीनी मिल के बहसूमा में तीन केंद्र है। पिछले चार दिन से एक केंद्र पर तौल चल रही है। पैराई सत्र का अंतिम समय होने के कारण किसान ज्यादा मात्रा में गन्ना लेकर पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को केंद्र पर गन्ने से लदे वाहनों की लंबी लाइन लग गई। तौल लिपिक व किसानों के बीच गन्ना बेतरतीब डालने को लेकर कई बार नोकझोंक हुई। गन्ना ज्यादा होने पर लिपिक ने तौल बंद कर दी।
इस समय किसान खेत में खड़ी गन्ने की फसल को लेकर चिंतित है। जिसको वह जल्द खत्म करना चाहता है। बहसूमा में टिकौला के तीन व मवाना चीनी मिल के दो गन्ना क्रय केंद्र हैँ। एक अनुमान के मुताबिक 30 फिसदी गन्ना अभी खेतों में है। वहीं मिल की ओर से क्रय केंद्रों पर तौल अंतिम चरण में चलने की बात कही जा रही है। जिसकों लेकर किसान परेशान है। टिकौला मिल के केंद्र सी पर तौल सुचारू हुई। किसान अधिक मात्रा में गन्ना लेकर पहुंचे। जिसके चलते प्लॉट फुल हो गया। तौल के बाद गन्ना बेतरतीब डालने पर तौल लिपिक व किसानों की कई बार कहासुनी हुई। वहीं, मवाना मिल कें दोनो केंद्रों पर तौल जारी है। टिकौला शुगर मिल से जुडे़ किसानों ने मिल प्रबंधन पर अन्य सेंटर की तौल बंद कर उपेक्षा का आरोप लगाया है। मिल के अध्याशी अध्यक्ष एमसी शर्मा के मुताबिक 23 मई को मिल बंदी का दूसरा नोटिस चस्पा किया है। सभी किसानों का गन्ना खरीद के बाद ही मिल का पेराई सत्र बंद किया जाऐगा। वहीं, मवाना गन्ना समिति के विशेष सचिव प्रदीप शर्मा का कहना है कि जब तक किसानों का गन्ना खेतों में है तब तक मिल को एनओसी नहीं दी जाएगी। कीटनाशक ना देने का आरोप लगाया था। किसानों की इस समस्या को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था।