पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यार्थ चौधरी ने बताया कि जो भी खाया जाता है वह आहार नाल से पेट तक जाता है। आहार नाल मुख से शुरू होकर गुदा द्वार तक पहुंचता है। जो भी चीजें खाई जाती हैं वह लार के साथ यकृत और अग्नाशय से होते हुए पेट तक पहुंचती हैं। शरीर के विभिन्न रासायनिक पदार्थ खाने के साथ क्रिया कर उससे रस निकालते हैं।
यह रस शरीर को एनर्जी देता है। भोजन को मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और अल्प मात्रा में विटामिन एवं खनिज लवणों की जरूरत होती है। पाचन के दौरान शरीर सभी पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेता है और गैरजरूरी तत्व मल-मूत्र के रास्ते बाहर निकल जाते हैं।
योग से भी मजबूत होता है पाचन तंत्र
योग शिक्षक संजीव कुमार ने बताया कि योग से भी पाचन तंत्र मजबूत होता है। गलत भोजन, गलत जीवनशैली और तनाव से उत्पन्न विष को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसमें खासतौर से त्रिकोण आसन के जरिये भूख में वृद्धि, पाचन क्रिया को ठीक और कब्ज को दूर किया जा सकता है।
इसी तरह पश्चिमोत्तानासन से कब्ज दूर होता है। पवनमुक्तासन से गैस संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। फिजिशियन डॉ तनुराज सिरोही ने बताया कि हरी और पत्तीदार सब्जियों का सेवन करें। भोजन पूरी तरह से पकाकर खाएं। सब्जियों की सफाई पर ध्यान दें। पाचन तंत्र बिगड़ने की बड़ी वजह दूषित पानी भी है।