साइकिलिंग के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए तीन जून को विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है। मेरठ के डॉ. अनिल नौसरान ने आज शाम छह बजे से 376 किलोमीटर की साइकिलिंग मेरठ से शुरू की। मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, छुटमलपुर होते हुए वह तीन जून की शाम छह बजे मेरठ लौटेंगे।
डॉ. अनिल पिछले ढाई वर्षों से मेरठ से कोलकाता, मुंबई, शिमला, मसूरी, नैनीताल, इलाहाबाद, जयपुर, अयोध्या और बृजभूमि की साइकिल यात्रा कर चुके हैं। विश्व साइकिल दिवस के अलावा वह एक जुलाई को डॉक्टर दिवस पर श्रीनगर से कन्या कुमारी तक 21 दिन की साइकिल यात्रा करेंगे।
नौसरान का कहना है कि साइकिलिंग एक प्रकार से मेडिटेशन है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा यंत्र है। शहरों में प्रदूषण बढ़ रहा है, सड़कों पर वाहन खड़े करने तक की परेशानी है। इन्हीं सभी कारणों से मानसिक परेशानी होती है। रोजाना सूर्योदय से पहले अगर साइकिलिंग करते हैं तो दिमाग में हैप्पी हारमोंस का स्तर बढ़ता है। तनाव खत्म होता है, भूख बढ़ती है, नींद ठीक आती है और दिनचर्या बेहतर होती है। डायबिटीज, हाइपरटेंशन और डिप्रेशन समाप्त होता है। फेफड़ों, हृदय, दिमाग, मांसपेशियों और पाचन तंत्र दुरुस्त रहते हैं और इम्युनिटी बढ़ती है।
लोगों को जागरूक कर रहा एनवायरमेंट क्लब
साइकिलिंग के लिए एनवायरमेंट क्लब लोगों को जागरूक कर रहा है। क्लब के युवा संस्थापक सावन कन्नौजिया साइकिल चलाने वाले लोगों को अपने साथ जोड़ रहे हैं। वह कहते हैं कि तीन जून को विश्व साइकिल दिवस पर इस बार आप भी साइकिल चलाने का संकल्प लेकर दूसरों के लिए एक मिसाल कायम करें। उन्होंने विश्व साइकिल दिवस के लिए एक डॉक्यूमेंट्री तैयार की है। तीन जून को क्लब के यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड करेंगे। उन्होंने कहा कि सप्ताह में कम से कम चार दिन साइकिल चलाना जरूरी है। इससे वजन बढ़ने की संभावना 48 प्रतिशत कम हो जाती है।
कई वर्षों से चला रहा साइकिल
साइकिल चलाना दिनचर्या में शामिल कर लिया है। इसे चलाने के बाद स्फूर्ति महसूस होती है। वहीं, पर्यावरण को साफ-सुधरा रखने के लिए यह अच्छा कदम हैं। इसके लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए।
- नवीन गुप्ता
आगे आकर उठाने होंगे कदम
कोरोना काल में लोगों ने व्यायाम का महत्व जाना। अगर लोग पहले से दिनचर्या में साइकिल चलाने जैसे व्यायाम शामिल करते तो बीमारी इतना प्रभाव नहीं डालती। सभी को आगे आकर कदम उठाने होंगे।
- आशुतोष
सुबह एक घंटा जरूर निकालें
अपने व्यस्त समय में से एक घंटा जरूर निकालना चाहिए। अगर आप साइकिल चला रहें तो और भी बेहतर रहेगा। इससे पर्यावरण को हरा-भरा रखने के साथ आप अपने स्वास्थ्य को भी ठीक रख सकेंगे।
- दीपक सैनी