मेरठ। अब जल्द ही आप अपने मकान, दुकान का नक्शा आर्किटेक्ट के माध्यम से सीधे सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम लागू कर चुकी है। प्रदेश के सभी प्राधिकरणों में सॉफ्टटेक कंपनी आर्किटेक्ट, अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रही है। बुधवार को एमडीए सभागार में ऑनलाइन नक्शा पास करने की प्रक्रिया को विस्तार से कंपनी प्रतिनिधियोें ने बताया। यह काम यूपीओबीपीएस डॉट इन वेबसाइट पर होगा। अभी तक यह तकनीक 18 राज्यों में लागू की जा चुकी है।
पहले प्रशिक्षण में कंपनी प्रतिनिधियों ने आर्किटेक्ट को बुलाकर उन्हें नक्शे अपलोड करने की प्रक्रिया और बनाने के बारे में बताया। इसमें ऑटो केड के प्री-डीएसआर सॉफ्टवेयर की मदद से मकान का डिजाइन मानकों पर तैयार किया जाएगा। इन मानकों में मकान के कमरे का साइज, विंडो का साइज, बाथरूम साइज, अग्निशमन मानक आदि सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही पता चल जाएंगे। वहीं, नक्शा अपलोड होने के बाद आप खुद भी अपनी फाइल का स्टेटस मोबाइल नंबर डालकर देख सकेंगे। नक्शा पास करने के लिए जमा की जाने वाली धनराशि भी ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही एनईएफटी, आरटीजीएस, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैकिंग के माध्यम से जमा कर सकेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय, सचिव प्रवीणा अग्रवाल, मुख्य नगर नियोजक इश्तियाक अहमद आदि मौजूद रहे।
आर्किटेक्ट को करना होगा पंजीकरण
इस सॉफ्टवेयर का उपयोग करने के लिए आर्किटेक्ट को अपना पंजीकरण करना होगा। उसमें सभी जानकारी देने के साथ अपना प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। सॉफ्टवेयर में मकान बनाने के समय अन्य विभागों से ली जाने वाली एनओेसी भी ऑनलाइन मिलने पर विकल्प दिया गया है। नक्शा पास करने के लिए सॉफ्टवेयर में सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। हालांकि, एमडीए अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर में संशोधन के लिए कंपनी को कुछ सुझाव भी दिए हैं।
प्लॉट का फोटो और लोकेशन देनी होगी
इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से आप जिस भी जमीन का नक्शा पास करा रहे हैं, उसकी जिओ लोकेशन और फोटोग्राफ भी अपलोड करना होगा। जिससे अधिकारियों को मौके पर जाने के दौरान प्लॉट को खोजने में कोई परेशानी न हो। वहीं, प्लॉट किस प्रकार से आप उपयोग में लाएंगे, यह जानकारी भी अपलोड करनी होगी।