मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण में एक बार फिर मुआवजे का रोड़ा अटक गया है। बुधवार को कई प्लाट मालिकों ने परतापुर तिराहे पर हो रहा निर्माण कार्य रुकवा दिया। उन्होंने एनएचएआई पर प्लाट कब्जाने का आरोप लगाया।
परतापुर तिराहे पर इंटरचेंज बनाया जा रहा है, साथ ही सर्विस रोड का निर्माण भी कराया जा रहा है। बुधवार को 20 से अधिक प्लाट मालिकों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने सर्विस रोड के निर्माण के लिए उनके प्लाट कब्जा लिए है। उन्हें प्लाटों का मुआवजा भी नहीं दिया गया। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि मुआवजा नहीं दिया तो वे परिवार के साथ धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे। हंगामा करने वाले में भूड़बराल निवासी सीताराम, कांशी गांव निवासी रेशमा, सूरजकुंड निवासी पुष्पा गुप्ता, मोहनलाल, गुलशन कुमार, फहमीदा, शिवकुमार मौजूद रहे।
मेरठ की तरफ बढ़ी किसानों की पदयात्रा
दूसरी ओर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के विरोध में किसान कल्याण समिति के बैनर तले किसानों की पदयात्रा बुधवार को डासना से शुरू हुई। इसमें सपा नेता अतुल प्रधान भी शामिल हैं। किसान तय समय पर मुआवजा न मिलने का विरोध कर रहे हैं। यह यात्रा एक नवंबर को मोदीनगर क्षेत्र के मुरादाबाद गांव से होती हुई मेरठ कमिश्नरी पहुंचेगी। यहां किसान रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद दो नवंबर को किसान कमिश्नर को ज्ञापन सौंपेंगे।