मेरठ। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सरकार ने एक और योजना तैयार की है। पहले जहां महिलाओं ने मास्क बनाकर अपनी प्रतिभा को दिखाया। अब वह प्राइमरी और उच्च प्राथमिक स्कूलों के पढ़ने वाले बच्चों की ड्रेस तैयार करेंगी। मेरठ में एक लाख 60 हजार 638 ड्रेस को तैयार किया जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से बेसिक शिक्षा विभाग को सूचित कर दिया गया है। जिले में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन किया गया है। 12 ब्लॉक में समूह की सूची तैयार कर ली है। जिले में 631 महिलाएं ड्रेस तैयार करेंगी। इसके लिए उन्हें सरकार की तरफ से मेहनताना दिया जाएगा। अगर महिलाएं अपने कपड़े से ड्रेस तैयार करेंगी तो उन्हें प्रति ड्रेस 300 रुपये मिलेंगे। अगर कपड़ा विभाग की तरफ से मिलेगा तो 100 रुपये प्रति ड्रेस दिया जाएगा। इसके लिए स्वयं सहायता समूह से पहले पूछकर निर्णय लिया जाएगा। वहीं जो ड्रेस विभाग की ओर से तैयार कराई जा रही है उनका साइज विभाग की ओर से स्वयं सहायता समूह महिलाओं को बताएगा।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
जुलाई में शुरू होने वाले सत्र से पहले ड्रेस तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। हमारी कोशिश है कि हम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तरफ कदम बढ़ाने के लिए मौका दें।
- दिग्विजय नाथ तिवारी, जिला विकास अधिकारी