सहारनपुर में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण पर रासुका हटवाने की मांग को लेकर अपनी उसकी मां कमलेश ने भी आमरण अनशन शुरू कर दिया है। रविवार को अपने बेटे और दलित महिलाओं के साथ रावण की मां छुटमलपुर के ज्योति किरण चौक पर पहुंची और आमरण अनशन पर बैठ गई। एक बार तो पुलिस उस आचार संहिता का हवाला देकर शाम के वक्त उठवाने में सफल हो गई। लेकिन कुछ देर बाद ही वह अनशन पर बैठ गई।
बता दें कि चंद्रशेखर उर्फ रावण छुटमलपुर की हरिजन कालोनी गली नंबर दो का रहने वाला है। प्रशासन द्वारा उस पर रासुका लगाने के बाद शब्बीरपुर में जहां दलित महिलाएं भूख हड़ताल कर रही हैं। वहीं जिले में जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं। अब इसी कड़ी में उसकी मां कमलेश देवी और भाई भगत सिंह रविवार सुबह दस बजे छुटमलपुर के ज्योति किरण चौक पर पहुंचे। यहां वे दरी बिछाकर बैठ गए। कमलेश ने जहां आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की, वहीं उसके साथ मौजूद महिलाएं क्रमिक अनशन पर बैठीं।
अनशन की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। एक दरोगा ने उन्हें उठाने का प्रयास किया तो उसके साथ महिलाओं की नोंकझोंक हुई। अपराह्न तीन बजे पुलिस ने आचार संहिता को हवाला देते हुए महिलाओं को कार्रवाई का भय दिखा कर उठवा दिया। लेकिन दस मिनट बाद ही महिलाएं फिर से अनशन पर बैठ गईं। इसके बाद एसओ भानू प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाओं की उनके साथ बहस हो गई। देर शाम तक आमरण अनशन जारी थी और पुलिस बल मौके पर तैनात था। इस दौरान भगत सिंह, ओमवती, प्रमिला, लोकेश देवी, महेंद्री, रुपचंद, बाला, रोशना, मुकेश, सुशीला, प्रकाशी, सरोज, सरस्वती, मतलेश, वीर मति आदि शामिल रहे।
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