इसके बावजूद उसका जेठ कैंट बोर्ड से मिलीभगत कर अवैध निर्माण कर रहा है। उन्होंने गत माह इसकी शिकायत की थी, लेकिन कैंट बोर्ड ने कोई एक्शन नहीं लिया। गुस्साई महिला खुद को आग लगाने पर अड़ गई। यह देख कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने शोर मचा दिया। किसी तरह महिला को समझाकर कर्मचारी अंदर ले गए और अधिकारियों से मिलवाया।
मिलीभगत से कराया जा रहा निर्माण
परवीन ने बताया यह मकान किराये का है। पिता की मौत के बाद उसका पति इंतजार व जेठ इम्तियाज उर्फ काले यहां रह रहे थे। धोखे से जेठ इम्तियाज ने कैंट बोर्ड के दस्तावेजों में मकान अपने नाम करा लिया। उन्होंने कोर्ट की शरण ली, जिसका मामला विचाराधीन है। कैंट बोर्ड को निर्माण रुकवाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
महिला के आरोप निराधार
कैंट बोर्ड के सहायक अभियंता पीयूष गौतम ने महिला के आरोपों को निराधार बताया। कहा कि महिला का अपने जेठ से विवाद चल रहा है और वह कैंट बोर्ड से हस्तक्षेप करने की बात करती है, जो कि संभव नहीं है। मकान की नियमानुसार मरम्मत की अनुमति दी गई है। महिला निजी स्वार्थ के चलते उल्टे सीधे आरोप लगा रही है।
सिविल कोर्ट से जुड़े विवाद में महिला ने आत्मदाह की कोशिश की थी। पुलिस कैंट बोर्ड पहुंची थी। चेतावनी के तौर पर उसके पति और जेठ का चालान किया गया है। - डॉ. ईरज रजा, एएसपी कैंट